एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। भटिंडा फॉल में एक दुखद घटना में 17 वर्षीय आयुष कुमार पांडेय और उसके 40 वर्षीय चाचा प्रजित कुमार पांडेय की डूबने से मौत हो गई। दोनों जन्मदिन मनाने के उद्देश्य से आए थे। अचानक आयुष का पैर फिसल गया और उसे बचाने के प्रयास में चाचा भी पानी में डूब गए। गोताखोरों ने काफी मेहनत से शव निकाले।
भटिंडा फॉल में मंगलवार को डूबने से चाचा-भतीजे की मौत हो गई। मृतकों की पहचान जोगता मोड़ निवासी आयुष कुमार पांडेय (17 वर्ष) और उसके चाचा प्रजित कुमार पांडेय (40 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों जन्मदिन मनाने के लिए भटिंडा फॉल पहुंचे थे। स्थानीय गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों के शव को पानी से निकाला।
जानकारी के अनुसार आयुष अपने तीन दोस्त तोपचanchi के अभिराज दास, लोयाबाद पावर हाउस के धीरज दास व पुटकी श्रीनगर के अंशु कुमार और चाचा प्रजित कुमार पांडेय के साथ जन्मदिन मनाने भटिंडा फॉल आया था। आयुष के दोस्त ने बताया कि हम सभी ने केक काटकर आयुष का जन्मदिन मनाया।
इसके बाद आयुष और उसके चाचा पानी के पास जाकर फोटोग्राफी करने लगे। इसी दौरान अचानक आयुष का पैर फिसल गया और वह पानी में चला गया। आयुष को पानी में गिरते देख चाचा प्रजित उसे बचाने के लिए तत्काल पानी में कूद गए। उन्होंने आयुष को बचाने का प्रयास किया, लेकिन अधिक गहराई होने से देखते ही देखते दोनों पानी में डूब गए।
वहां मौजूद आयुष के दोस्तों और अन्य लोगों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोरों ने पानी में उतरकर दोनों की तलाश शुरू की। गोताखोरों ने आधे घंटे में प्रजित का शव पानी से निकाल लिया। वहीं, आयुष की तलाश में गोताखोरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी देर बाद उसका भी शव निकाला गया।
घटना की सूचना मिलने पर मुनीडीह ओपी प्रभारी मनिता कुमारी मौके पर पहुंची। हादसे की खबर मिलते ही आयुष की मां बिंदु देवी व पिता अजीत पांडेय समेत अन्य परिजन भटिंडा पहुंचे। शव देखकर परिजन दहाड़ मार कर रोने लगे। आयुष के पिता अजीत पांडेय जोगता थाना के बगल स्थित मंदिर के पुजारी हैं। आयुष शहीद शक्तिनाथ महतो इंटर कॉलेज का छात्र था।
चाचा-भतीजे की एक साथ मौत होने से जोगता में मातम पसरा है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। वहीं आसपड़ोस के लोग भी काफी गमगीन है।
जोगता मोड़ निवासी अजीत पांडेय के बड़े पुत्र 17 वर्षीय आयुष कुमार पांडेय का जन्मदिन मंगलवार को था। सुबह आयुष घर से सिजुआ स्थित शहीद शक्तिनाथ महतो इंटर स्मारक कॉलेज पढ़ाई करने के लिए निकला था, लेकिन दोस्तों के साथ भटिंडा पहुंच गया।
वहां उसने अपने चाचा प्रजित को भी बुला लिया। आयुष तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। वहीं प्रजित की दो पुत्रियां व एक पुत्र है। वे पूजा-पाठ कर परिवार का भरण पोषण करते थे। परिजनों का कहना है कि आयुष बहुत होनहार व पढ़ाई-लिखाई में काफी तेज था।
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