टीम एबीएन, रांची। राज्य में मापतौल अधिकारियों की कमी से लाइसेंस रिन्यूअल और मापतौल उपकरणों के सत्यापन में होनेवाली कठिनाईयों की निरंतर आ रही शिकायतों पर आज चैंबर भवन में एक बैठक हुई। मापतौल कंट्रोलर का पद रिक्त होने पर भी सदस्यों द्वारा चिंता व्यक्त की गई। यह कहा गया कि एक विभागीय इंस्पेक्टर को चार-पांच जिलों का अतिरिक्त प्रभार होने के कारण नवीनीकरण-सत्यापन कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसकी विभागीय समीक्षा आवश्यक है।
चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि व्यापारियों की सुविधा के लिए जरूरी है कि राज्य के सभी जिलों में एक-एक इंस्पेक्टर की पदस्थापना की जाय ताकि व्यापारी अपनी सुविधानुसार अपने मापतौल लाइसेंस का सत्यापन या नवीनीकरण कार्य करा सकें। जब तक विभाग में इंस्पेक्टर की पदस्थापना नहीं होती, तब तक सत्यापन कार्य के लिए व्यापारियों पर जुर्माना नहीं लगाया जाना चाहिए।
बैठक में यह भी सुझाव आया कि विभागीय इंस्पेक्टरों की पदस्थापना होने तक राज्य के सभी जिलों के विभागीय कार्यालयों के बाहर निरीक्षकों का संपर्क विवरण, उनकी उपलब्धता दिवस का बोर्ड अधिष्ठापित कराया जाय ताकि संबंधित जिले के व्यापारियों को इसकी समुचित जानकारी मिल सके। व्यापारियों की असुविधा को देखते हुए चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने जल्द ही विभागीय मंत्री से मिलकर मामले से अवगत कराने और समस्या के समाधान हेतु चर्चा करने की बात कही।
चैम्बर के श्रम उप समिति के चेयरमैन प्रमोद सारस्वत ने स्थाई व्यवस्था होने तक विभाग द्वारा राज्य के प्रत्येक जिलों में त्रैमासिक रूप से मापतौल का कैंप लगाने की भी बात कही। बैठक में चैंबर के कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल और उप समिति चेयरमैन आलोक कुमार भी उपस्थित थे। उक्त जानकारी महासचिव रोहित अग्रवाल ने दी।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse