विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को

 

हिंदी अतीत की है धरोहर, वर्तमान की जरूरत और भविष्य की संभावना : संजय सर्राफ 

टीम एबीएन, रांची। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि विश्व हिंदी दिवस प्रतिवर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस हिंदी भाषा के वैश्विक विस्तार,उसके साहित्यिक-सांस्कृतिक वैभव और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करने के लिए समर्पित है। 

हिंदी न केवल भारत की प्रमुख भाषा है, बल्कि विश्व के अनेक देशों में बोली, समझी और पढ़ी जाने वाली जीवंत भाषा भी है। विश्व हिंदी दिवस मनाने की परंपरा की पृष्ठभूमि वर्ष 1975 में नागपुर में आयोजित प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन से जुड़ी है। इसी ऐतिहासिक सम्मेलन की स्मृति में 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। 

इसका उद्देश्य हिंदी को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहन देना, विभिन्न देशों में बसे हिंदी भाषियों को जोड़ना और हिंदी को ज्ञान, विज्ञान, व्यापार तथा कूटनीति की भाषा के रूप में स्थापित करना है। वैसे तो हिंदी मूल रूप से भारतीय भाषा है लेकिन अब विश्व मंच पर हिंदी सशक्त भाषा के रूप में स्थापित है विश्व हिंदी दिवस 2026 भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हमें याद दिलाएगा कि हिंदी अब सीमाओं में नहीं बंधी, वह महाद्वीपों में गूंज रही है जब कोई विदेशी हिंदी में नमस्ते कहता है तो वह सिर्फ शब्द नहीं बोलता, वह हमारी सभ्यता को स्वीकार करता है कह सकते हैं हिंदी अतीत का धरोहर है, वर्तमान की जरूरत है और भविष्य की संभावना। 

भारत सरकार द्वारा विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और सांस्कृतिक केंद्रों के माध्यम से इस दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।आज हिंदी विश्व की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। भारत के अतिरिक्त मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका सहित अनेक देशों में हिंदी का प्रयोग होता है। 

प्रवासी भारतीयों के माध्यम से हिंदी ने विदेशों में अपनी सशक्त पहचान बनाई है। विश्वविद्यालयों में हिंदी अध्ययन, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में हिंदी सत्र और डिजिटल माध्यमों पर हिंदी सामग्री की बढ़ती उपलब्धता इस बात का प्रमाण है कि हिंदी वैश्विक संवाद की प्रभावी भाषा बन रही है। विश्व हिंदी दिवस की महत्ता केवल भाषा-प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, मूल्यों और विचारधारा को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने का माध्यम भी है।

हिंदी साहित्य-कविता, कहानी, उपन्यास और नाटक-मानवीय संवेदनाओं की गहन अभिव्यक्ति करता है। यह दिवस नयी पीढ़ी को हिंदी से जोड़ने, शुद्ध और सशक्त भाषा प्रयोग के लिए प्रेरित करने तथा तकनीक के साथ हिंदी के समन्वय को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करता है। विश्व हिंदी दिवस की एक प्रमुख विशेषता यह है कि यह हिंदी को आधुनिकता और तकनीक से जोड़ता है। 

आज हिंदी में ई-शासन, मीडिया, सिनेमा, सोशल मीडिया और स्टार्टअप जगत में व्यापक संभावनाएं हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अनुवाद तकनीक और डिजिटल प्रकाशन ने हिंदी के विस्तार को नई गति दी है। यह दिवस भाषा की एकता, विविधता और समावेशिता का संदेश देता है। 

विश्व हिंदी दिवस हिंदी के गौरव, उसकी वैश्विक स्वीकार्यता और भविष्य की संभावनाओं का उत्सव है। यह हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व करने, उसे समृद्ध बनाने और विश्व संवाद की सशक्त कड़ी के रूप में आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि संस्कृति, संवेदना और संवाद की जीवंत धरोहर है-जिसे संजोना और आगे बढ़ाना हम सबका साझा दायित्व है।

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