नक्सली तांडव : लोहरदगा-गुमला सीमा क्षेत्र में करोड़ों के वाहन और मशीनों को फूंका

 

एबीएन डेस्क। लोहरदगा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में भाकपा माओवादी नक्सली संगठन ने बीते दन जमकर उत्पात मचाया। हार्डकोर नक्सली और मोस्ट वांटेड रविंद्र गंझू के दस्ते ने एक दर्जन वाहनों को फूंक डाला। वहीं सभी वाहन चालक डरकर मौके से फरार हो गए। यह घटना माइंस एरिया की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच और आगे की कार्रवाई में जुटी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लोहरदगा-गुमला जिले के सीमावर्ती गुरदरी थाना क्षेत्र के कुजाम माइंस में नक्सलियों ने शुक्रवार शाम 7.30 बजे जमकर उत्पात मचाया। लोहरदगा-गुमला जिले के सीमावर्ती गुरदारी थाना क्षेत्र के कुजाम माइंस में चार नंबर खंते में भाकपा माओवादी नक्सली संगठन का हथियारबंद दस्ता पहुंच गया और एक-एक कर दर्जन भर वाहनों को फूंक डाला। नक्सलियों ने यहां पर माइनिंग से जुड़े एनकेसीपीएल कंपनी के वाहनों को आग के हवाले किया है, जिससे कंपनी को 10 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है। सूचना के अनुसार घटना को अंजाम भाकपा माओवादी के रीजनल कमांडर और 15 लाख के इनामी रविंद्र गंझू के दस्ते ने लेवी के के लिए किया है। रविंद्र गंझू की तलाश न सिर्फ लोहरदगा-गुमला और लातेहार जिले के पुलिस कर रही है, बल्कि झारखंड पुलिस के इस मोस्ट वांटेड की तलाश दूसरी एजेंसियों को भी है। घटना को अंजाम देने के बाद नक्सलियों का दस्ता वहां से जंगल के रास्ते निकल गया। इस घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत है। पुलिस की ओर से क्षेत्र में घेराबंदी का प्रयास किया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। नक्सलियों ने बॉक्साइट माइन्स में लगे हुए माइनिंग से संबंधित वाहनों को आग के हवाले करने के बाद माइंस और माइनिंग से जुड़े हुए कर्मचारियों को धमकी दी कि बिना इजाजत के काम शुरू करने पर और भी बुरा अंजाम होगा। इस घटना की पुष्टि हिंडाल्को कंपनी के माइनिंग से जुड़े एनकेसीपीएल कंपनी के अधिकारियों ने की है, लेकिन उन्होंने यह कहा है कि उन्हें सिर्फ सूचना मिली है। अभी वास्तविकता के बारे में कोई भी जानकारी उन्हें भी नहीं है। इस मामले में ट्रक ऑनर एसोसिएशन के पदाधिकारी भी कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं। जानकारी यह भी मिल रही है कि आदित्य बिरला ग्रुप की हिंडाल्को कंपनी के रेजिंग और ट्रांसपोर्टिंग कांट्रेक्टर एनकेसीपीएल कंपनी के जिन वाहनों को जलाया गया है, उसमें 1.20 करोड़ मूल्य की दो ड्रिल मशीन, 80 लाख की दो जेसीबी वाहन, 1.70 करोड़ रुपये के चार हाइवा वाहन, 3.60 करोड़ रुपये के छह एक्सरावेटर आदि शामिल हैं। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि घटनास्थल पुलिस पिकेट से महज कुछ दूरी पर है, जहां नक्सलियों ने बेखौफ तरीके से घटना को अंजाम दिया है। नक्सलियों ने जिस प्रकार से घटना को अंजाम दिया है, उसके बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के बाद जिन वाहनों को जलाया गया है, उसके सभी चालक मौके से फरार हो गए हैं। इस दौरान जिन वाहनों को जलाया गया। उनके टायर के जलने और फटने की आवाज दूर तक सुनाई देती रही, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल रहा।

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