टीम एबीएन, रांची। हूल आंदोलन के मुखिया सिदो-कान्हू एवं चांद-भैरव को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। 1855 में स्वतंत्रता की लड़ाई के अग्रगण्य, भारत माता के वीर सपूत और (हूल) आंदोलन के मुखिया सिदो-कान्हू एवं चांद-भैरव को सीएम हेमंत सोरेन ने हूल दिवस पर नमन किया और श्रद्धांजलि दी।
पिछले कुछ दिनों से दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तबीयत नासाज है। वे दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में एडमिट हैं। डॉक्टरों की विशेष निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। इस कारण सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन समेत अन्य अभी दिल्ली में ही हैं। आज सोमवार (30 जून) को झारखंड के विभिन्न जिलों में हूल दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान वीर सपूतों के पराक्रम को याद कर उन्हें नमन किया गया।
सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि संताल हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और हजारों वीर शहीदों के संघर्ष और समर्पण के पदचिन्हों पर चलने वाले दिशोम गुरु शिबू सोरेन अभी अस्वस्थ हैं।
इस कारण वे इस बार भोगनाडीह की क्रांतिकारी वीर भूमि पर नहीं आ पाए, लेकिन हूल दिवस उनके लिए सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। हूल दिवस संकल्प का दिन है। हूल ताकत है। हूल उनकी पहचान है। आने वाले समय में आदिवासी धर्म कोड, आदिवासी संस्कृति, भाषा, सभ्यता और पहचान के लिए हूल उलगुलान होगा।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse