टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर केंद्र की मदद से चलने वाली विभिन्न योजनाओं में भ्रष्टाचार और लूटखसोट का आरोप लगाया है।
सोमवार को दुमका में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विकास योजनाओं के लिए जो राशि झारखंड को देती है, राज्य की सरकार उसका उपयोग कर उपयोगिता प्रमाण पत्र तक नहीं भेज पा रही है। यही वजह है कि केंद्र को ऐसी योजनाओं की अगली किस्तों का भुगतान रोकना पड़ता है।
मरांडी ने कहा, केंद्र सरकार लूटने के लिए पैसा नहीं भेज सकती है। राज्य सरकार अगर अपनी जिम्मेदारी निभाएगी तो अगली किस्तें स्वतः जारी हो जाएंगी। नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की विधि-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किये।
उन्होंने कहा कि झारखंड में हाल के महीनों में कई आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच में उजागर हुआ है कि राज्य में कई स्थानों पर आतंकी संगठन अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। यह राज्य की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर मामला है।
मरांडी ने कहा कि जिस पुलिस पर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा है, उसका मुखिया सरकार ने ऐसे व्यक्ति को बनाकर रखा है, जिसका आईपीएस के रूप में कार्यकाल 30 अप्रैल को ही समाप्त हो चुका है। आज की तारीख में झारखंड में डीजीपी के पद पर अनुराग गुप्ता को अवैध रूप से तैनात किया गया है। यहां तक कि एसीबी और सीआईडी का प्रमुख भी उन्हें ही बनाकर रखा गया है। यह पूरी तरह गैरकानूनी है।
भाजपा नेता ने सत्ता पक्ष के लोगों पर बालू, कोयला और पत्थर लूट में संलिप्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब तो राज्य में कोई किसी की जमीन पर कब्जा कर ले रहा है और कोई सुनने वाला नहीं है। पाकुड़ के कोयला खदानों से जो लोडिंग होती है, उसकी ट्रांसपोर्टिंग से लेकर रैक तक में राज्य सरकार के परिवारवालों ने कब्जा जमा रखा है।
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