भक्त की सदैव रक्षा करते हैं भगवान : श्री कांतजी महाराज

 

कथा का चतुर्थ दिवस

  • परम गुरु जी का श्री श्याम मित्र मंडल, प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के नवनिर्वाचित पदधारी, रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन, झारखंड प्रान्त मारवाड़ी युवा मंच, सरस सुंदर कांड,अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची के सदस्यों द्वारा स्वागत अभिनंदन किया गया
    भागवत, रामायण ज्ञान देती है कि तेरा सच्चा मित्र कृष्ण है
  • काम क्रोध लोभ मानव को कमजोर करता है : श्रीकांत शर्मा

टीम एबीएन, रांची। रांची के अग्रसेन भवन के सभागार में श्री मदभागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर मुख्य यजमान श्री मति लता देवी केडिया, ओम प्रकाश केडिया, निरंजन, अजय, संजय केडिया संग परिवार द्वारा श्री मदभागवत व ब्यास पूजन किया गया।
वैदिक मंत्रोचारण के साथ ब्यास पीठ पर विराजमान परम श्रधेय कथा वाचक श्रीकांत जी शर्मा को मुख्य यजमान ओम प्रकाश केडिया सपत्नीक द्वारा चंदन, वंदन माल्यर्पण कर उनका अभिनंदन स्वागत किया गया। 

कथा के मुख्यसार को बताते हुए महाराज श्री कहते है : भक्त की रक्षा स्वयं भगवान करते हैं। समुद्र मंथन से एक बार 14 रत्न मिले पर आत्ममंथन सबसे बड़ा है, जिससे परमात्मा प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा जिस का रक्षक भगवान हो उसे कोई मार नहीं सकता। जो प्रभु का दास हो वो कभी  हार नहीं सकता। राम जन्म उत्सव के अवसर पर कथा का व्याख्यान करते हुए व्यास जी ने कहा राम के लिए ब्रह्मा विधमान है राम हमारे देश के वर्तमान आदर्श है।  

शास्त्र जैसा कहता है वैसा ही करो भगवान जब हदय में प्रगट होते हैं तब मानव का कल्याण होता है। बिना संतों की सेवा के ईश्वर नही मिल सकते। भगवान का कीर्तन भजन तुम्हे बचा सकता है। प्रभु हदय सिंहासन पर आए इसलिए कथा सुनी जाती है। काम क्रोध लोभ मानव को कमजोर करते हैं जब तक यह रहते हैं प्रभु का सामीप्य नहीं मिलता।

जहां काम तहां राम नहीं,

जहां राम नहीं वहां काम नहीं

कथा काम, क्रोध लोभ आदि विकारों को दूर करती है काम मानव का शत्रु है, लेकिन वह मित्र के समान प्रतीत होता है, जब वह हटता है राम का प्रवेश होता है। भगवान सभी को सूर्य की तरह समभाव से प्रकाश देते हैं ।वह सब को उसके अनुकूल फल देते हैं। भगवान जीव को आनंद देने के लिए लीला कहते हैं। भगवान मित्र का तो कल्याण करते ही हैं वे शत्रु का भी कल्याण करते हैं। श्रीमद् भागवत कथाओं के चतुर्थ दिवस कि कथाओं पर प्रकाश देते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को भगवान घोषित करें ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए। 

वैज्ञानिक अभी तक एक मौलिक कीड़ा भी नहीं बना सके लेकिन लोगों ने धरती पर कई भगवान बना दिये। इस तरह के लोगों और कथित भगवान से सतर्क रहना चाहिए। जिसका पाप ज्यादा बढ़ जाता है उसके अंदर भक्ति का संचार नहीं होता है। नवधा भक्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि श्रवण मनन कीर्तन वंदन आत्म निवेदन आदि में किसी एक का भी सहारा लिया जाए तो भगवान मिल जाते हैं। 

अनेक योनियों के बाद मनुष्य का शरीर मिलता है। इसलिए भजन करते रहना चाहिए इस जगत को पसंन्न करना बहुत कठिन है, लेकिन भगवान को प्रसन्न करना बहुत आसान है। अंतत: भगवान को प्रसन्न करने का प्रयास करना चाहिए। भगवान के नाम से बेड़ा पार होता है मुक्ति मिलेगी।आज भगवान को मक्खन, पंजीरी, मिश्री, पेड़ा सहित फलों का भोग लगाया। पूरे कथा स्थल को बैलून, फूलों, हरी पत्तियों से सजाया गया था। 

राजा बली झांकी, बावन अवतार की झांकी के दर्शन लोगो ने किये। भगवान का जन्म हुआ भगवान की झांकी का दर्शन कथा स्थल में सभी ने किया। कथा स्थल में भगवान के जन्म पर खूब जयकारा लगा। भगवान का पूजन मुख्य यजमान द्वारा किया गया। लोगो के बीच बधाई बांटी गयी। टॉफी, खिलौने लोगों के बीच लुटाये गये। कथा स्थल आज पूरी तरह महिलाओ ओर बच्चों से भरा था।

कथा श्रबन करने वालों में ओमप्रकाश केडिया, निरंजन केडिया, अजय केडिया, संजय केडिया, निर्मल बुधिया, प्रमोद सारस्वत, राजेश गोयल सुरेंद्र अग्रवाल सहित काफी संख्या में लोगों ने कथा श्रबन किया। ललित पोद्दार, विश्वनाथ नारसरिया, पवन शर्मा, विनोद जैन, पवन पोद्दार, अशोक नारसरिया, अनिल अग्रवाल, विशाल पाड़िया, अमित शर्मा, उर्मिला पाडिया सहित कई लोगों ने महाराज श्री को माल्यार्पन व अंग वस्त्र देकर अभिनंदन, स्वागत किया।

7 बजे चतुर्थ दिवस की कथा आरती के साथ विराम की गयी। लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। प्रमोद सारस्वत ने बताया पंचम दिवस की कथा दोपहर 3 से 7 बजे तक होगी। भगवान का उत्सव, बाल लीलाओं का झांकियों के संग सुंदर चित्रण, छप्पन भोग का कार्यक्रम है। आप सपरिवार समय पर आकर श्रीमद् भागवत कथा के रस पान का आनंद अवश्य उठायें। उक्त जानकारी प्रमोद सारस्वत (9431325438) ने दी।

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