टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मजबूती के साथ विधानसभा चुनाव जीतने के बाद अब इंडिया ब्लॉक की नजर बिहार चुनाव पर है। लेकिन बिहार की राजनीति में झामुमो अलग-थलग पड़ता नजर आ रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उतरने की इच्छा जताने के बावजूद बिहार के इंडिया ब्लॉक दलों की एक के बाद एक चार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन बैठक में झामुमो को आमंत्रित नहीं किया गया।
बिहार की चुनावी राजनीति में राजद-कांग्रेस द्वारा झारखंड मुक्ति मोर्चा की लगातार उपेक्षा के बावजूद झामुमो के नेताओं का मानना है कि जब इंडिया ब्लॉक के बड़े और राष्ट्रीय स्तर के नेता सीट शेयरिंग के मुद्दे पर बैठेंगे, तो झारखंड मुक्ति मोर्चा का जरूर ख्याल रखा जायेगा। साथ ही हमें भी आमंत्रित किया जायेगा।
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि झामुमो के साथ-साथ उनके नेता हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि बैठक में नहीं बुलाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन हमारी नजर बिहार की राजनीति पर है। उन्होंने कहा कि बिहार में हमारा मजबूत संगठन है और कल की बैठक के आलोक में झामुमो भविष्य के लिए कोई निर्णय लेगा।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन की बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा को न बुलाये जाने पर बीजेपी ने तंज कसा है। बिहार में भाजपा के सह प्रभारी दीपक प्रकाश ने कहा है कि झामुमो फुफकारता है, काटता नहीं। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दावा किया था कि पार्टी बिहार से चुनाव लड़ेगी, लेकिन महागठबंधन दलों ने उन्हें कोई समर्थन नहीं दिया और एक भी सीट नहीं दी और अब हद हो गयी है कि बिहार में होने वाली बैठकों में झामुमो को न्योता भी नहीं मिलता।
अब झारखंड मुक्ति मोर्चा को सोचना चाहिए कि बिहार में किस तरह से उनकी हालत बद से बदत्तर हो रही है और की जा रही है। अब उन्हें तय करना है कि चुनाव लड़ना है या नहीं, अगर दम है तो चुनाव लड़कर दिखाये।
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