एबीएन सेंट्रल डेस्क। 18 मई 2025 को संत पेत्रुस महागिरजाघर रोम में पोप लियो 14वें ने अपनी प्रेरिताई का उद्घाटन किया। इस धर्मविधि ने संत पेत्रुस और उनकी शहादत के साथ संबंध स्थापित किया, जो रोम के कलीसिया के आधार बने। पोप लियो 14वें के पदग्रहण के इस समारोह में उसे पालियुम और मछुआरे की अंगूठी प्रदान की गयी।
काथलिक कलीसिया में इन प्रतीक चिन्हों का विशेष महत्व होता है। पालियुम एक धार्मिक परिधान है, जो खोई हुई भेड़ को कंधे पर उठाने वाले चरवाहे के प्रतीक के रूप में पहनाया जाता है। इसे छह काले क्रूसों से सजाया गया है, जो प्रभु के क्रूस की याद दिलाते है।
वहीं, मछुआरे की अंगूठी पेत्रुस की विश्वास की मुहर है, जिसे उन्होंने येसु के आदेश पर मछलियां पकड़ी थीं। धर्मविधि की शुरुआत संत पेत्रुस महागिरजाघर में हुई, जहां पोप ने संत पेत्रुस की कब्र पर प्रार्थना की। इसके बाद, उन्होंने सुसमाचार और धर्मविधि के माध्यम से पोप के आधिकारिक कार्य का उद्घाटन किया।
समारोह के अंत में, पोप ने सभा को आशीर्वाद दिया और यह प्रार्थना की कि ईश्वर कलीसिया को प्यार, एकता और कृपा में सुदृढ़ करें। इस विशेष अनुष्ठान के माध्यम से, पोप लियो 14वें ने अपनी प्रेरिताई का शुभारंभ किया।
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