एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह दिन लखनऊ, उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है।
उन्होंने कहा, आज का दिन उस शक्ति की पूजा का दिन है जो हमारे सैनिकों को ताकत देती है और दुश्मनों के लिए कहर बन जाती है। भले ही मैं आज आपके बीच मौजूद नहीं हूं, लेकिन आपके उत्साह के जरिए आप मुझ तक पहुंच चुके हैं। यह खुद में एक संदेश है कि देश किसी भी स्थिति में रुकेगा नहीं, काम थमेगा नहीं और संवाद कभी टूटेगा नहीं।
रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ और इस परियोजना से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और संस्थानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह फैसिलिटी देशभर के युवाओं, इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की मेहनत का नतीजा है। राजनाथ सिंह ने कहा, आप सबने दिन-रात मेहनत करके इस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी की नींव रखी है। मैं आपकी मेहनत और समर्पण को सलाम करता हूं।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी के उद्घाटन समारोह के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि आज का दिन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के तौर पर बेहद अहम है। उन्होंने 1998 में हुए पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि यह भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता का ऐतिहासिक प्रदर्शन था।
राजनाथ सिंह ने कहा, आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस है। 1998 में इसी दिन भारत ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में पोखरण में परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी ताकत दिखायी थी। यह परीक्षण हमारे वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, रक्षा कर्मियों और कई अन्य हितधारकों के वर्षों के प्रयास का नतीजा था।
रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस यूनिट के उद्घाटन को भी भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। इस यूनिट से ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण, परीक्षण और एकीकरण से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संबोधन दिया। उन्होंने कहा, आपने आपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत की झलक जरूर देखी होगी। अगर नहीं देखी, तो पाकिस्तान से पूछ लीजिए कि ब्रह्मोस की शक्ति क्या होती है।
सीएम योगी ने बताया कि आपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने उन आतंकवादी संगठनों और भारत-विरोधी ताकतों को करारा जवाब दिया है जिन्होंने भारत मां के माथे पर हमला कर कई परिवारों की सिंदूर की रेखा मिटा दी थी। इस अभियान में ब्रह्मोस मिसाइल का अहम योगदान रहा।
इसी बीच भारतीय वायुसेना ने आपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। वायुसेना ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि इस मिशन को पूरी सटीकता और प्रोफेशनलिज्म के साथ अंजाम दिया गया। वायुसेना ने कहा कि, यह अभियान राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप, सुनियोजित और गोपनीय तरीके से संचालित किया गया है। आपरेशन अब भी जारी है, और इस पर विस्तृत जानकारी उचित समय पर दी जायेगी। जब तक आधिकारिक जानकारी न आए, तब तक किसी भी अटकल या अपुष्ट जानकारी के प्रसार से बचें।
इस घटनाक्रम के बीच, भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम उल्लंघन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, भारतीय वायुसेना और नौसेना प्रमुख शामिल हुए। गौरतलब है कि शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर कई जगहों पर घुसपैठ कर इस समझौते का उल्लंघन किया।
इससे पहले बुधवार को भारत ने पहलगाम हमले (जिसमें 26 लोगों की जान गई थी) के जवाब में आपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसमें 25 मिनट के भीतर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर 24 मिसाइलें दागी गयी। बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक पाकिस्तान ने भारत के उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में 15 सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले की कोशिश की, जिसे भारतीय सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया।
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