पुनर्वासित लोगों को आवंटित भूमि/ आवास का मालिकाना हक दें : मुख्य सचिव

 

  • पोलपोल में पूर्नवासित लोगों से मिली झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी 
  • मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा गांव : उपायुक्त  
  • पलामू व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्रों से 79 परिवारों को बसाये जाने की हुई पहल 
  • पोलपोल में बसा दिये गये 57 परिवार 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पोलपोल/ मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी आज पलामू जिले के पोलपोल गांव पहुंचकर पलामू व्याघ्र परियोजना से पुनर्वासित लोगों से मिली। उनसे बातचीत की और उन्हें मिली आवास एवं सुविधाओं से अवगत हुईं। पुनर्वासित लोगों ने मुख्य सचिव को बताया कि यह स्थान उनके लिए काफी उपयुक्त है। सरकार व स्थानीय प्रशासन की ओर से सुविधायुक्त आवास मिला है। जहां आवासन से उन्हें आनंद की अनुभूति हो रही है। सभी खुश हैं। 

मुख्य सचिव ने लोगों को आश्वस्त किया कि सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने पुनर्वासित लोगों को संपत्ति में दस्तावेजी अधिकार देने की बातें कही। उन्होंने आवंटित भूमि, मकान का मालिकाना हक प्रदान करने की पहल करने का निदेश दिया।  मालिकाना हक प्रदान करने के लिए उन्होंने प्रावधान के अनुरूप आवंटित संपत्ति/भूमि के रजिस्टर-2 में नाम दर्ज कराने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर राज्य को भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसे माडल ग्राम के रूप में विकसित करने में राज्य से सहयोग प्रदान किया जायेगा। 

उन्होंने सभी परिवारों का आधार कार्ड बनवाने एवं बने आधार कार्ड में पत्ता बदलवाने तथा सभी पुनर्वासित परिवारों को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, सिंचाई विभाग आदि विभिन्न विभागों की योजनाओं से आच्छादित करने का निर्देश दिया। साथ ही बच्चों को स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्र से जोड़कर शिक्षा ग्रहण कराने का निर्देश दिया।

पलामू उपायुक्त शशि रंजन ने पुनर्वासित लोगों को सुविधा मुहैया कराये जाने से संबंधित योजनाओं से मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बिजली, पानी एवं अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधायुत आवास लाभुकों को उपलब्ध कराये गये हैं। साथ ही कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की योजनाओं से लाभुकों को लाभ देने का प्रयास जारी है। नाहर के माध्यम से यहां सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध कराये जाने की योजना है। 

उन्होंने कहा कि सभी कार्डधारियों को राशन मुहैया करायी जा रही है। इसकी और सुगम व्यवस्था होगी। उन्होंने पुनर्वासित लोगों के आवंटित आवासों पर सोहराई पेंटिंग या पुनर्वासित लोगों के पसंद के अनुरूप पेटिंग बनवाने, पाथवे, कम्यूनिटी सेंटर आदि बनाकर मॉडल गांव के रूप में विकसित किये जाने की पहल की जायेगी। उन्होंने  गांव में व्यापक सुविधा बहाल करने को लेकर राज्य से सहयोग की अपेक्षा जतायी। मुख्य सचिव ने प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया।  

विदित हो कि व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों को जीवन परिवर्तित करने, वन्य जीवों से सुरक्षा प्रदान करने एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ बिजली, पानी की सुविधा एवं पक्का मकान का सपना साकार करने को लेकर पलामू व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्रों से वन विभाग के पुनर्वास योजना के तहत सुरक्षित स्थान पोलपोल में बसाया जा रहा है। इसके तहत वन विभाग के कोर क्षेत्र गारू प्रखंड के कुजरूम से 57 एवं जयगीर से 22 परिवारों को बसाया जा रहा है। इसमें जयगीर से 22 एवं कुजरूम से 35 परिवार बसाये जा चुके हैं। इससे ग्रामीणों को फायदा हो रहा है। ग्रामीणों को प्रति लाभुक बड़ी नगद राशि भी प्रदान की जा रही है।

पोलपोल में मुख्य सचिव के आगमन कार्यक्रम में वन व कृषि विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्धिकी, जल संसाधन के सचिव प्रशांत कुमार, पलामू उपायुक्त शशि रंजन, पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन, गढ़वा उपायुक्त शेखर जमुआर, पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार पांडेय, लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव, पलामू ब्याघ्र परियोजना के निदेशक एस.आर. नटेश, उप निदेशक कुमार आशीष, पलामू के उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद, पलामू के वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय, अनुमंडल, प्रखंड-अंचल स्तरीय व वन विभाग एवं पलामू ब्याघ्र परियोजना के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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