फार्मेसी काउंसिल में तत्काल योग्य झारखंडी मूलवासी को रजिस्ट्रार नियुक्त किया जाये, अन्यथा उलगुलान : देवेंद्र नाथ महतो

 

टीम एबीएन, रांची। स्वास्थ्य विभाग झारखंड सरकार के झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल बरियातू रांची का रजिस्ट्रार सह सचिव समेत 5 मनोनीत सदस्य नियुक्ति घोटाला मामला गरमाते जा रहा है। विधायक जयराम महतो एवं विधायक सरयू राय द्वारा मामला बजट सत्र के दौरान सदन में उठाये जाने पर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। 

आज दिनांक 24 अप्रैल 2025 को रांची आक्सीजन पार्क में आयोजित सामूहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष आंदोलनकारी नेता देवेंद्रनाथ महतो ने संबोधन करते हुए कहा कि झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार पद लगभग एक वर्ष से यानी 5 मई 2024 को तत्कालीन रजिस्ट्रार सह सचिव कौशलेंद्र कुमार के निधन के बाद आज तक फार्मेसी काउंसिल को स्थायी रजिस्ट्रार सह सचिव का नसीब नहीं हुआ।

तत्काल रजिस्ट्रार के निधन के  साढ़े पांच माह पश्चात् औपबंधिक रूप से प्रशांत कुमार पांडेय जी को मात्र प्रभार बनाया गया  जो बनते ही राज्य भर में विवाद खड़ा हो गया। विवादित रजिस्ट्रार अभी तक पद में बना हुआ है। अस्थायी रजिस्ट्रार प्रशांत पांडेय की नियुक्ति प्रक्रिया और कार्यकाल का लगातार सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। 

उनपर आरोप है कि मूल रूप से बिहार राज्य के छपरा के निवासी  हैं और उनका बिहार तथा झारखंड दोनों राज्य में फर्मासिस्ट के नाम पर रजिस्टर्ड कराने का आरोप है, बिहार का रजिस्ट्रेशन नंबर 20670 और झारखंड में 83 है। साथ ही उनका फर्मासिस्ट लाइसेंस का उपयोग एक ही आधार कार्ड के साथ झारखंड में जन औषधि केंद्र समेत चार अन्य स्थान पर दवा दुकान खोलने का भी आरोप है। 

जो संगीन अपराध है तथा ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 एवं फार्मेसी एक्ट 1948 का उलंघन है। जिसका हर विभागीय कार्यालय में शिकायत के बावजूद इन पर कोई करवाई नहीं हुआ। क्योंकि इनका संरक्षण विभाग के आला अधिकारी एवं कोई सफेदपोश का है। 

इनका नियुक्ति झारखंड विधान सभा चुनाव आचार संहिता लागू होने से एक दिन पूर्व 14 अक्टूबर 2024 को एक ही दिन मात्र 8 घंटा के अंदर सम्पूर्ण प्रक्रिया प्रशाखा पदाधिकारी का हस्ताक्षर, उप सचिव का हस्ताक्षर, अवर सचिव का हस्ताक्षर, स्वास्थ्य सचिव का हस्ताक्षर, स्वास्थय मंत्री का हस्ताक्षर के साथ साथ रातों रात आफिशियल पत्र भी घोषित किया गया इसीलिए इनका नियुक्ति प्रक्रिया का लगातार सीबीआई जांच का मांग किया जाता जा रहा है। वर्तमान समय में काउंसिल के पांच मनोनीत एवं छह इलेक्टेड मेंबर सबका कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद पद में बने हुए हैं। 

मौके पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से मांग की है कि नियमानुसार पहले छह मेंबर का इलेक्शन कराया जाय तत्पश्चात तत्काल 5 मनोनीत सदस्य झारखंडी मूलवासी को मनोनीत किया जाये, अन्यथा जेएलकेएम पार्टी चरणबद्घ आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो, चंदन रजक, योगेश भारती, अंगत कुमार, विनय कुमार, गुलाम सरवर, रविन्द्र, हरेंद्र, देव के अलावा अन्य लोग उपस्थित थे।

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