टीम एबीएन, रांची। हुटुप गौशाला धाम में चल रहे 9 दिवसीय श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन सुप्रसिद्ध कथा वाचक सुश्री संगीता किशोरी जी द्वारा धनुष यज्ञ पर एक मार्मिक और भावपूर्ण कथा का वाचन किया गया। इस अवसर पर कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने के लिए झांकियों का आयोजन किया गया, जो उपस्थित श्रद्धालुओं को रामायण के काल की वास्तविकता से जोड़ने में सफल रहा। संगीता किशोरी जी ने धनुष यज्ञ के महत्व को समझाते हुए बताया कि यह यज्ञ केवल एक शारीरिक चुनौती नहीं थी, बल्कि यह सत्य, धर्म और शक्ति के प्रतीक के रूप में राम के चरित्र का एक महत्वपूर्ण भाग था।
उन्होंने बताया कि भगवान श्री राम के जीवन में कई मोड़ आए, लेकिन धनुष यज्ञ की घटना उनके जीवन का एक प्रमुख और निर्णायक क्षण था, जिसमें राम ने भगवान शिव के धनुष को तोड़कर यह सिद्ध कर दिया कि वे ही दुनिया के सर्वश्रेष्ठ और सबसे योग्य धनुषधारी हैं, जिन्हें श्री राम के रूप में स्वीकार किया गया।
झांकी के माध्यम से दर्शाया गया कि कैसे रानी जनक के दरबार में भगवान राम ने एक विशाल और भव्य धनुष को उठाया और उसे अपनी पूरी शक्ति से तुड़ दिया। यह घटना न केवल राक्षसों और असुरों के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत थी, बल्कि यह राम के जीवन के उस महान उद्देश्य का प्रतीक थी, जिसके लिए उन्होंने जन्म लिया।
कथा के दौरान, कथा वाचिका ने इस घटना के आंतरिक और बाहरी प्रभावों पर भी प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि यह यज्ञ न केवल श्री राम के आदर्शों का प्रतीक था, बल्कि यह दर्शाता था कि धर्म और सत्य की विजय अंततः होगी। कथा के इस हिस्से को सुनते हुए श्रद्धालु गहरी श्रद्धा और भावनाओं से अभिभूत हो गये।
विशेष रूप से उन झांकियों को देखकर, जो धनुष यज्ञ की घटना का सजीव चित्रण कर रही थीं, एक अद्वितीय अनुभव हुआ। कथा वाचन के दौरान उपस्थित भक्तों ने भगवान राम के जीवन के इस महत्त्वपूर्ण मोड़ पर विचार करते हुए खुद को धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित महसूस किया। इस विशेष दिन के कार्यक्रम में, श्रद्धालुओं ने भगवान राम के आदर्शों को जीवन में उतारने और अपने आंतरिक बल को जागृत करने की प्रेरणा ली।
इस आयोजन ने सबको यह सिखाया कि सत्य, धर्म और शक्ति की शक्ति किसी भी परिस्थिति में अंततः विजयी होती है। यह दिव्य कथा निश्चित रूप से श्रद्धालुओं के हृदय में एक स्थायी छाप छोड़ने में सफल रही, और इसके माध्यम से भगवान श्री राम के जीवन के आदर्शों का गहरा संदेश सभी तक पहुंचा। चौथे दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक वासुदेव भाला एवं मुकेश काबरा, उदय शर्मा, अशोक प्रधान, राकेश भाला, निकिता भाला, शत्रुघ्न गुप्ता, दिनेश काबरा, गोवर्धन भाला, वृद्धा आश्रम के सभी भक्तगण, तथा शेखपुरा गांव तथा अन्य ग्रामीण क्षेत्रो से सैकड़ो की संख्या में पुरुष एवं महिलाएं उपस्थित थे। 21 मार्च को श्री राम कथा में श्री सीताराम विवाह का कथा होगा।
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