एबीएन डेस्क, रांची। झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लड़कियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 करने के केंद्र के फैसले को राजनीतिक बताते हुए असहमति जताई है। उन्होंने अपने आवास पर पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मदद देने वाले आज के दौर में इस तरह का फैसला राजनीतिक लगता है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया है कि उनकी सरकार समय पर झारखंड में जातीय जनगणना कराने पर निर्णय लेगी। यह विषय झामुमो के निश्चय पत्र में भी है। बिहार सरकार के जातिगत जनगणना पर लिए गए निर्णय पर उन्होंने मुस्कुराते हुए उनके इस आइडिया के लीक होने की आशंका जाहिर की। सीएम ने 29 दिसम्बर को अपनी सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि सभी मुद्दों के दो पहलू होते हैं। लड़कियों की विवाह की न्यूनतम उम्र 14 से 18 वर्ष की गई। लेकिन क्या अब इससे कम उम्र में शादियां नहीं हो रही हैं। अब इसे 21 किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या आगे इसे 30-35 वर्ष किया जाएगा। अहम पहलू यह है कि केंद्र के इस फैसले के पीछे क्या सोच रही है। कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो न चाहते हुए भी हो जाती हैं। सामाजिक रूप से विकसित वर्गों में लड़कियों की शादी वैसे भी 20 के बाद ही हो रही है। मुख्यमंत्री ने राज्य में ओबीसी को नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण देने के सवाल पर कहा कि इसे उचित समय पर लागू किया जाएगा। उन्होंने भाजपा की ओर से लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नियुक्तियां एक सतत प्रक्रिया है। इस पर लगातार काम जारी है। मुख्यमंत्री आमंत्रण कप फुटबॉल प्रतियोगिता की बालिका वर्ग की विजेता पूर्वी सिंहभूम की टीम के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। पूर्वी सिंहभूम की टीम दोनों वर्गों में चैंपियन बनी। बालिका वर्ग में रामगढ़ और बालक वर्ग में रांची की टीम उपविजेता रही।
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