चौपारण, हजारीबाग। सिंघरावां पंचायत के ग्राम हजारीधमना में मनरेगा योजना की जांच के बाद ग्रामीण एवं मनरेगा कर्मियों में हलचल मची हुई है। मालूम हो कि हजारीधमना निवासी विनोद कुमार सिंह की जमीन पर मनरेगा योजना से मेढ़बंदी कागज पर ही गयी। जिसकी जानकारी मिलने पर जांच के लिए आवेदन दिया। जांच टीम ने हजारीधमना के महाबीर यादव, सत्येन्द्र सिंह, खिरोधर यादव, विकाश सिंह, सुखदेव भुइयां, बिनोद सिंह, बालेश्वर सिंह के जमीन पर बना मेढ़बंदी की जांच किया। जिसमे किन्ही के जमीन पर मेढबंदी नही किया गया पाया गया। साथ ही हजारीधमना बरगद पेड़ से सुगवा आम तक मिट्टी मोरम रोड़ एवं हजारीधमना आहर के पास से हजारी तक मिट्टी मोरम रोड़ निर्माण कर राशि निकासी कर ली गई है। सन्तोष सिंह के जमीन पर 100 गुणा 100 गुणा 10 डोभा निर्माण, सन्तोष सिंह के जमीन पर 60 गुण 60 गुणा 10 डोभा निर्माण खाता नम्बर 73 प्लाट नम्बर 2407, सन्तोष सिंह के जमीन पर समतलकरण, द्वारिका सिंह के जमीन पर टीसीबी सहित दर्जनों मनरेगा योजना का कार्य किया गया है। विनोद सिंह एवं ग्रामीणों का कहना है कि लीपापोती के आधार पर जांच करने पर 90 हजार 500 रुपये की हेराफेरी का रिकभरी का नोटिस जारी किया गया है। वही सिंघरावां पंचायत सहित पूरे प्रखंड में उच्च स्तरीय जांच किया जाय, तो लाखो-करोड़ो का हेराफेरी की खुलासा हो सकती है और सरकार की राशि रिकभर हो सकती है।
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