एबीएन सेंट्रल डेस्क। चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो चुका है। इस साल विक्टर एंब्रोस और गैरी रुवकुन चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार से नवाजे गये हैं। इन दोनों ही दिग्गजों ने मइक्रो फठअ की खोज की थी। नोबेल असेंबली ने कहा कि दोनों वैज्ञानिकों की खोज जीवों के विकास और कार्य करने के तरीके के लिए मौलिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो रही है। विक्टर एंब्रोस और गैरी रुवकुन को चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार माइक्रो आरएनए की खोज के लिए दिया गया। यह जो एक छोटा अणु है जो जीन गतिविधि को विनियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हालांकि हमारे शरीर की सभी कोशिकाओं में समान जीन होते हैं, लेकिन मांसपेशी और तंत्रिका जैसी कोशिकाएं अलग-अलग कार्य करती हैं। यह जीन विनियमन के जरिए संभव होता है। जिससे कोशिकाएं केवल वही जीन सक्रिय करती हैं जिनकी उन्हें जरूरत होती है। एंब्रोस और रुवकुन की माइक्रो आरएनए की खोज ने इस प्रक्रिया का एक नया तरीका बताया है।
उनकी खोज ने यह समझने में मदद की है कि जीव, विशेषकर इंसान, कैसे विकसित होते हैं और कार्य करते हैं। पिछले साल चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार कातालिन कारिको और ड्रू वाइसमैन को मिला था। इन दोनों ने कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन विकसित करने में अहम योगदान दिया था।
इस पुरस्कार में 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग 8.3 करोड़) का नकद पुरस्कार शामिल है, जो स्वीडिश आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की विरासत का हिस्सा है। सभी पुरस्कार विजेता 10 दिसंबर को अपने पुरस्कार प्राप्त करेंगे। इसी दिन नोबेल की पुण्यतिथि भी है।
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