टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार की वित्तीय सहायता योजना किशोरियों, विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों की लड़कियों को शिक्षा से जुड़े अपने सपनों को पूरा करने के मदद कर रही है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना (एसपीकेएसवाई) शुरू की है जिसका मकसद बाल विवाह को बंद करना, पढ़ाई बीच में छोड़ने वालों की संख्या में कमी लाना और लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है और यह योजना काफी हद तक अपने प्रयासों में सफल हो रही है।
लक्ष्मण हजाम नामक एक अभिभावक ने कहा कि इस योजना ने यह सुनिश्चित किया है कि वित्तीय बाधाएं अब उनकी बेटी के डॉक्टर बनने के सपने में बाधा नहीं बनेंगी। हजाम की बेटी 10वीं कक्षा में है। उन्होंने कहा, अब वह अपनी शिक्षा जारी रख सकती है। एसपीकेएसवाई के तहत किशोरियों की शिक्षा को आसान बनाने और महिला सशक्तिकरण तथा लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए छह किस्तों में कुल 40,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
एसपीकेएसवाई के तहत कक्षा आठ से 12 तक की लड़कियों को पांच किस्तों में 20,000 रुपये दिये जाते हैं। साथ ही 18-19 वर्ष की आयु होने पर 20,000 रुपये की एकमुश्त छात्रवृत्ति दी जाती है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 के लिए लगभग 7.15 लाख किशोरियों को इस योजना में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिछले महीने कार्यक्रम आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार के दौरान कहा था, माता-पिता को अपनी बेटियों की शिक्षा के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि अब एसपीकेएसवाई इसका ध्यान रखेगी। पहले, लाभ दो बेटियों तक सीमित थे, लेकिन अब हमने परिवार की सभी लड़कियों को सहायता प्रदान की है।
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