टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं राष्ट्रीय सनातन एकता मंच के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि जितिया पर्व 25 सितंबर दिन बुधवार को है। जितिया व्रत हर वर्ष आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। हिंदू धर्म मे जितिया पर्व को जीवित्पुत्रिका व्रत और जिउतिया व्रत के नाम से भी जाना जाता है।
हिंदू सनातन धर्म का यह एक महत्वपूर्ण पर्व है जितिया पर्व मुख्य रूप से झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश मे बड़े ही उत्साह पूर्वक मनाया जाता है। यह व्रत माताएं अपने पुत्रों की लंबी उम्र और सुख समृद्धि के लिए करती है। इस दिन महिलाएं 24 घंटे तक निर्जला व्रत उपवास रखती है। जितिया व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 25 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक है।
दूसरे दिन 26 सितंबर को व्रत का पारण किया जायेगा। माताएं संतान की दीर्घायु, सुखी और निरोगी जीवन के लिए जितिया व्रत रखती है, व्रत वाले दिन महिलाएं नये वस्त्र धारण करती है। तथा उपवास के दिन जीमूत वाहन देव की पूजा पूरे विधि विधान से करती है। पूजन पर नारियल, खीरा, चना, खाजा समेत अन्य पूजा सामग्री चढ़ाते हैं।
इस दिन व्रत करने के साथ जो माताएं पूजा के दौरान व्रत कथा पढ़ती और सुनती है उन्हें कभी भी संतान वियोग नहीं सहना पड़ता है, हिंदू धर्म मे व्रत से पूर्व संतुलित आहार का बहुत महत्व दिया गया है, जितिया व्रत से पूर्व महिलाओं के खान-पान का पूरा ध्यान रखा जाता है इस संतुलित आहार के कारण लंबी अवधि तक शरीर को ऊर्जा मिलती है।
माना जाता है कि इस व्रत को करने से सभी साधक को सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है। जो माताएं इस व्रत का पालन करती है इस व्रत का फल उनके बच्चों को बुरे स्थिति से बचाता है साथ ही साथ इस व्रत के प्रभाव से संतान की सुखों की प्राप्ति होती है।
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