एबीएन न्यूज नेटवर्क, डोबो काजू बागान, चांडिल, सरायकेला-खरसावां/ रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार आपकी योजना-आपकी-सरकार आपके-द्वार कार्यक्रम चलाकर महत्वाकांक्षी योजनाओं को आप तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। मैं स्वयं राज्य का भ्रमण कर यह देखने की कोशिश कर रहा हूं कि राज्य सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर उतर रही है या नही। बरसात का मौसम है, जगह-जगह बारिश हो रही है, फिर भी आप सभी लोग इतनी बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं यह हर्ष का विषय है। आपसभी का समर्थन और आशीर्वाद हमें राज्यहित के कार्य करने की शक्ति प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी पंचायत-पंचायत, गांव-गांव, टोला-टोला में शिविर लगाकर सरकारी योजनाओं को आपके घर-आंगन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। वैसे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहां रोड कनेक्टिविटी नही है वहां भी विभिन्न माध्यमों से राज्य सरकार के पदाधिकारी आप तक पहुंच रहे हैं और आपको योजनाओं से आच्छादित कर रहे हैं। वर्ष 2019 से पहले राज्य के वृद्धजन, दिव्यांगजन, विधवा माता-बहने पेंशन को लेकर जिला एवं प्रखंड कार्यालयों एवं बिचौलियों का चक्कर काटते थे। पेंशन कार्ड तो बनता नहीं था लेकिन दलाल इनसे पैसे जरूर वसूल कर लेते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उनकी सरकार राज्य में सर्वजन पेंशन योजना लागू कर सभी पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन उपलब्ध करा रही है। कोई एक भी पात्र व्यक्ति ढूंढने से नहीं मिलेगा जिसे पेंशन नही मिल रहा है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज सरायकेला-खरसावां जिला के चांडिल प्रखंड स्थित डोबो काजू बागान में आयोजित आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम में अपने संबोधन में कही।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में जिस दिन उनकी सरकार का गठन हुआ उसके चंद दिनों बाद ही वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण ने देश और दुनिया में दस्तक दी। कोरोना संक्रमण काल इतना भयावह और डरावना था कि लोग अपने-अपने घरों में ताला बंद कर रहने को मजबूर हो गये। सभी उद्योग धंधे, रोजगार के साधन एकाएक बंद हो गये परंतु इस विकट परिस्थिति में भी राज्य सरकार ने झारखंड में किसी एक भी व्यक्ति को भूख से मरने नही दिया। राज्य सरकार ने वैश्विक महामारी के समय एक बेहतर मैनेजमेंट का उदाहरण पूरे देश के सामने रखा।
बिना कोई अफरा-तफरी के जीवन और जीविका दोनों को राज्य सरकार ने संरक्षित करने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में जनहित का कार्य करते-करते हमारे दो मंत्री भी शहीद हो गए। कोरोना संक्रमण काल में प्रवासी मजदूरों को घर लाने के साथ-साथ उन्हें रोजगार के साधन भी उपलब्ध कराए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के समय झारखंड की महिला दीदियों ने राज्य सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर लोगों को मुफ्त में खाना खिलाने का काम किया ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आने वाले 5 वर्षों में राज्य सरकार प्रत्येक परिवार तक एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि पहुंचायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी हमारे गांव के गरीब-गुरबा लोग बच्चों की पढ़ाई, बेटियों की शादी, खेती-बाड़ी एवं बीमारी के इलाज के लिए महाजनों से ऋण लेते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आने वाले समय में राज्य के भीतर एक ऐसी व्यवस्था खड़ा करेंगे जहां किसी भी जरूरतमंद परिवार या व्यक्ति को महाजन से कर्ज लेने की जरूरत नही पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अपने दम पर राज्य के 20 लाख आवास विहीन परिवारों को अबुआ आवास के तहत पक्का मकान होने का सपना पूरा करेगी। राज्य सरकार यहां के वैसे गरीब परिवार जिनके पास रहने के लिए घर नही है अथवा कच्चे मकान या टूटी-फूटी झोपड़ियों में रहने के लिए मजबूर है उन्हें तीन कमरों का पक्का मकान उपलब्ध करायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्य के लोग झारखंड को सोने की चिड़िया कहते हैं लेकिन हकीकत यही है कि पूर्व के सरकारों द्वारा गलत नीति निर्धारण कर यहां के लोगों को उनके हक-अधिकार वंचित रखने का काम किया गया।
आज स्थिति यह है कि हमारा यह सोने की चिड़िया कहलाने वाला झारखंड गरीब राज्यों की गिनती में काबिज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं को धरातल पर उतरने का काम कर रही है। आने वाले समय में झारखंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा करने के लक्ष्य के साथ उनकी सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक गांव मजबूत नहीं होगा तब तक राज्य मजबूत नहीं हो सकता। इसीलिए पहले गांव को मजबूत करना है। इसी संकल्प के साथ राज्य सरकार आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य की महिला शक्ति को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ राज्य की 50 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा है। यह महत्वाकांक्षी योजना नारी सम्मान के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उनकी सरकार स्कूलों में अध्यनरत बच्चियों के सर्वांगीण विकास के लिए सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना संचालित कर रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि बेटियों को सशक्त और मजबूत बनाया जाये। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से अपील किया कि वे अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा जरूर दें ताकि आने वाली पीढ़ी शिक्षित और मजबूत बन सके।
मुख्यमंत्री ने आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम एवं पश्चिमी सिंहभूम जिले में कुल 555 करोड़ 83 लाख 80 हजार रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास एवं 68899 लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया। इसमें पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत 30354.84 लाख रुपये का उद्घाटन-शिलान्यास, जबकि पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत 25228.96 लाख रुपये का उद्घाटन-शिलान्यास संपन्न हुआ। मौके पर इन दोनों जिलों के 84899 लाभुकों के बीच 472 करोड़ 16 लाख 83 हजार रुपये की परिसंपत्तियां बांटी गयी। इसमें पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत 68899 लाभुकों के बीच 301 करोड़ 46 लाख 27 हजार रुपये एवं पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत 16000 लाख लाभुकों के बीच 170 करोड़ 70 लाख 56 हजार 1 सौ 68 रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया।
मौके पर मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री बन्ना गुप्ता, मंत्री दीपक बिरुआ, मंत्री रामदास सोरेन, सांसद जोबा मांझी, विधायक निरल पूर्ति, विधायक सुखराम उरांव, विधायक दशरथ गागराई, विधायक मंगल कालिंदी, विधायक संजीव सरदार, विधायक सविता महतो, अध्यक्ष, अल्पसंख्यक आयोग हिदायतुल्लाह खान, उपाध्यक्ष, गौ-सेवा आयोग राजू गिरी, कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त हरि कुमार केशरी, डीआईजी मनोज रतन चौथे के अलावा पूर्वी सिंहभूम एवं पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।
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