लोहरदगा : पैथोलाजी के माध्यम से उपेंद्र कर रहे हैं उत्कृष्ट समाज सेवा

 

  • कोरोना कल में करीब 1800  व्यक्तियों का निःशुल्क जांच करने के बाद इन्हें मिला समाज सेवा की प्रेरणा
  • अब गरीब और बुजुर्गों को उपलब्ध कराते हैं निशुल्क जांच की सुविधाएं

टीम एबीएन, लोहरदगा। पैथोलाजी लैब के माध्यम से उपेंद्र कुमार कुशवाहा जांच के क्षेत्र में उत्कृष्ट पैथोलाजी समाज-कार्य को अंजाम दे रहे हैं। समाज कार्य के इस उपविषय को उपेंद्र कुशवाहा लोहरदगा राणा चौक स्थित रोहित जांच घर के माध्यम से पिछले कई सालों से कर रहे हैं। वह पिछले कई वर्षों से गरीब और अधिक आयु वर्ग के लोगों का वह निःशुल्क जांच करते हैं। 

सबसे बड़ी बात यह है कि जब कोरोना कालखंड में लोग जांच के लिए भटक रहे थे। उसे दौरान 24 जून 2021 से 29 अप्रैल 2024 तक उन्होंने कोविड के 1776 व्यक्तियों की निःशुल्क जांच की थी। इसमें 200 पाजिटिव मरीज मिले थे।

इस निःशुल्क जांच के बाद इन्हें प्रेरणा मिली कि, हमें भी चिकित्सा पैथोलाजी के क्षेत्र में निःशुल्क सेवा देकर समाज के जरूरतमंदों को सेवा और सहयोग करनी चाहिए है। यह सेवा अमूमन अस्पतालों और नर्सिंग होम में मिलती है। पर इन्होंने जांच लैब के माध्यम से इसे अंजाम देने का काम किया। इस वजह लोहरदगा नगर भवन में आयोजित समझ में उपयुक्त ने इन्हें सम्मानित किया था।

हमारे समाज में प्राचीन काल से ही पीड़ितों व रोगियों की सहायता व सेवा का प्रचलन रहा है। हर व्यक्ति एक-दूसरे की सेवा करना अपना उत्तरदायायित्व समझता रहा है। परम्परागत समाजसेवी मानवता के आधार पर विद्यालयों चिकित्सालय आदि के माध्यम से जनसाधारण की सेवा करते हैं।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ के विकास, रोग निवारण और उपचार के क्षेत्र में समाज कार्य की प्रणालियों व तकनिकों के उपयोग को ही पैथोलाजी समाज कार्य की संज्ञा दी जाती है। मानव समाज में निरन्तर हो रहे परिवर्तन, औद्योगीकरण, नगरीकरण के फलस्वरूप संयुक्त परिवार के स्वरूप में परिवर्तन तथा दिन-प्रतिदिन कि सामाजिक-आर्थिक जटिलताओं के कारण व्यक्ति की अपनी-व्यक्तिगत और पारिवारिक व्यवस्तता के कारण रोगियों और रोज के फलस्वरूप उत्पन्न मनो सामाजिक समस्याओं के निवारण और निराकरण में नियमित मेडिकल पैथोलाजी जांच समाज कार्य की उपयोगिता और मान्यता में वृद्धि हुई है।

उपेंद्र कुशवाहा बताते हैं कि पैथोलाजी जांच की सहायता से रोग का सटीक पता लगाया जा सकता है। इसीलिए यह विधा मेडिकल साइंस के क्षेत्र में क्रांति की तरह है। उन्होंने कहा कि मरीजों के उपचार में पैथोलाजी जांचों को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। बीमारियों के निदान में पैथालाजी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डाक्टर भी करीब 70 फीसदी मरीजों का उपचार पैथालाजी जांच के आधार पर करते हैं।

स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा विज्ञान में पैथोलाजी की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देने के लिए समर्पित काम है। पैथोलाजी के क्षेत्र, पैथोलाजी पेशेवरों और निदान, उपचार और अनुसंधान पर पैथोलाजी के प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ा रही है।

पैथोलाजिस्ट और पैथोलाजी संगठनों को जनता के साथ जुड़ने कर उनके अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। समाज को पैथोलाजी जांच के महत्व और इसके बारे में जागरूक बनाने की जरूरत है।

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