टीम एबीएन, रांची। झारखंड में बड़ा हादसा होते-होते रह गया। धनबाद रेल मंडल के प्रधानखंता-रक्षितपुर स्टेशनों के बीच बीते मंगलवार की दोपहर 08678 धनबाद-बांकुड़ा मेमू और मालगाड़ी आमने-सामने एक ही ट्रैक पर आ गयी, जिससे बड़ा हादसा होने ही वाला था, लेकिन रेलकर्मियों के शोर मचाने पर मेमू के चालक ने होम सिग्नल पार कर ट्रेन रोकी।
बताया जा रहा है कि धनबाद-बांकुड़ा मेमू दोपहर 2:25 पर धनबाद से खुली थी जबकि सिंदरी से डीएसटीपी मालगाड़ी रवाना हुई थी। मालगाड़ी को रक्षितपुर से प्रधानखंता होकर धनबाद-हावड़ा मेन लाइन पर आना था तो वहीं धनबाद-बांकुड़ा मेमू को होम सिग्नल पर खड़ा होना था, लेकिन ट्रेन होम सिग्नल को पार कर सामने आ रही मालगाड़ी के ट्रैक पर चली गई।
इस दौरान रेल कर्मियों के शोर मचाने पर मेमू के चालक ने होम सिग्नल पार कर ट्रेन रोक ली। वहीं, वरीय अधिकारियों के निर्देश पर मेमू के चालक व गार्ड को रक्षितपुर में उतार कर तत्काल निलंबित कर दिया गया है। दोनों के विरुद्ध मेजर चार्जशीट पेनाल्टी की गयी है।
गौरतलब है कि झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में कुछ दिन पहले तड़के मुंबई-हावड़ा मेल के कम से कम 18 डिब्बे पटरी से उतर गये थे। इस हादसे में 2 लोगों की मौत हुई थी। वहीं कई लोग घायल हुए थे। हादसे के दौरान मेल एक्सप्रेस के टकराते ही ट्रेन के चालक ने ब्रेक लगा दी थी।
ब्रेक लगते ही ट्रेन से तेज आवाज करने लगी। तेज रफ्तार में होने के कारण मेल एक्सप्रेस के कोच एक-एक कर पटरियों से नीचे उतरने लगे और यात्री एक दूसरे एक ऊपर गिरने लगे। कुछ ही पल में वहां चीख-पुकार मच गयी। वहीं, रेलवे ने झारखंड में ट्रेन दुर्घटना में मारे गये प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को 10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
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