टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें और आखिरी दिन भाजपा के निलंबित विधायक सदन के बाहर बालू बेचकर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन विधायकों का कहना है कि जब-जब हेमंत सरकार आयी है। झारखंड में बालू की किल्लत हुई है और बालू की कीमत जो है आसमान छूती रही है।
भाजपा के निलंबित विधायकों ने राज्य में बालू की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए कहा कि मुफ्त बालू को लेकर सरकार द्वारा की गयी घोषणा बिल्कुल हवा हवाई है और इसका लाभ मिलना संभव नहीं है। विरोध प्रदर्शन के दौरान विधायक नीरा यादव ने जहां 100 रुपये प्रति किलो तराजू पर तौलकर बालू बेचना शुरू किया, तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा विधायक शशि भूषण मेहता सिर पर बालू की टोकरी लेकर विधानसभा पहुंचे।
उन्होंने बालू का रेट 1000 रुपये किलो रखा था। विधायक नीरा यादव ने कहा कि उनका बालू स्वर्णरेखा नदी का बढ़िया बालू है। बावजूद इसके वह 100 किलो बेच रही हैं। दूसरी ओर भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता ने कहा कि वह कोयल नदी का बालू लाकर यहां बेच रहे हैं। चूंकि रास्ते में बालू लाने के दौरान कई थानों को पैसा देना पड़ता है, इसलिए उनका बालू थोड़ा महंगा है।
भानु प्रताप शाही ने शशिभूषण मेहता से 1000 रुपये किलो बालू खरीद कर कहा कि राज्य में किसी भी गरीब या नन टैक्स पेयर को फ्री बालू नहीं मिल रहा है। बालू की कालाबाजारी से एक ओर जहां बालू के दाम आसमान छू रहे हैं तो दूसरी ओर सरकार चुनाव को सामने देख सिर्फ राज्यवासियों को धोखा देने के लिए लोकलुभावन घोषणा कर रही है। गौरतलब है कि हेमंत सोरेन सरकार की पिछली कैबिनेट में राज्य के गरीबों और नन टैक्स पेयर जनता को फ्री बालू देने के प्रस्ताव शामिल हैं।
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