जानें बजट में झारखंड को क्या फायदा हुआ

 

बजट में चुनावी राज्यों को क्या मिला, झारखंड की स्थिति? 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय बजट 2024 लोकसभा में पेश किया जा चुका है। इस बार बजट पेश करने के साथ ही निर्मला सीतारमण  लगातार सात बार बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बन गयीं। अभी तक सबसे ज्यादा छह बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड सीतारमण के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम था। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने युवाओं, महिलाओं और किसानों से जुड़े कई एलान किये। 

हालांकि, विपक्षी दल बजट को भेदभावपूर्ण बताते हुए इसके विरोध में उतर आये हैं। बुधवार सुबह विपक्ष ने संसद भवन परिसर में प्लेकार्ड दिखाकर केंद्रीय बजट 2024-25 के खिलाफ प्रदर्शन किया। चुनावी राज्य महाराष्ट्र के तमाम विपक्षी दलों ने बजट को निराशाजनक बताया है। इसी तरह एक अन्य चुनावी राज्य झारखंड में सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बजट का विरोध जताया है। 

झारखंड

निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में झारखंड का नाम तो लिया लेकिन पूर्वी भारत के समग्र विकास के संबंध में जिक्र भर था। वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्वोदय के तहत इन राज्यों में मानव संसाधन विकास, अधोसंरचना और आर्थिक विकास के अवसरों के सृजन पर काम किया जायेगा ताकि विकसित भारत में पूर्वी भारत के राज्य इंजन बन सकें। बजट 2024-25 में केंद्रीय करों और शुल्कों की शुद्ध आय से झारखंड के हिस्से कुल 41.24 हजार करोड़ आये हैं। 

बजट दस्तावेज में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क विंग के तहत कार्य का उल्लेख किया गया है। यह प्रावधान राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास पर व्यय के लिए है। इसमें एक्सप्रेसवे से संबंधित परियोजनाएं और स्वर्णिम चतुर्भुज के भीड़भाड़ वाले हिस्सों को 6 लेन का बनाना और राजमार्गों को 2 लेन का बनाना, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क के विकास के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में झारखंड के भी कई हिस्से शामिल हैं।

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