एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र की मोदी सरकार की तर्ज पर हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला लिया है। हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल, फोरेस्ट व माइनिंग गार्ड, जेल वार्डन व एसपीओ (स्पेशल पुलिस आफिसर) की भर्ती में सेना से चार वर्ष बाद लौटने वाले अग्निवीरों को दस प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। सीधी भर्ती में अग्निवीरों को यह सुविधा मिलेगी। इतना ही नहीं, सरकारी नौकरियों में प्रवेश के लिए तय उम्र सीमा में भी अग्निवीरों को छूट मिलेगी।
अग्निवीरों के पहले बैच को उम्र में पांच वर्षों की छूट दी जाएगी। इसके बाद के बैच के लिए यह छूट तीन वर्षों के लिए होगी। इतना ही नहीं, सरकार ने ग्रुप-सी और ग्रुप-डी यानी तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों में भी अग्निवीरों के लिए आरक्षण लागू करने का निर्णय लिया है। बुधवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सीएम नायब सिंह सैनी ने यह घोषणा की। मौके पर मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, पब्लिक रिलेशन के महानिदेशक मनदीप सिंह बराड़ व सीएम के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे भी मौजूद रहे।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर बड़ा दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी की लोकहित की योजना है और इसके माध्यम से स्किल और एक्टिव युवा तैयार होंगे। 14 जून, 2022 को लागू की गयी इस योजना के तहत भारतीय सेनाओं में चार वर्षों के लिए अग्निवीर भर्ती किए जा रहे हैं। चार वर्षों की सर्विस के बाद कुल अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत स्थायी होंगे और बाकी के रिटायर हो जायेंगे।
केंद्र सरकार ने पिछले दिनों ही फैसला किया है कि चार वर्षों के बाद रिटायर होने वाले अग्निवीरों को अर्द्ध-सैनिक बलों की भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इसी तर्ज पर हरियाणा सरकार पुलिस में कांस्टेबल, वन विभाग में फोरेस्ट गार्ड, माइनिंग गार्ड, जेल विभाग में जेल वार्डन तथा स्पेशल पुलिस आफिसर (एसपीओ) की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया है। यहां बता दें कि एसपीओ के तहत सेना व अर्द्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त जवानों को नियुक्त किया जाता है।
सीएम ने कहा कि अग्निवीरों को ग्रुप-सी के सिविल पदों के लिए सीधी भर्ती में पांच प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। वहीं ग्रुप-डी के पदों में एक प्रतिशत आरक्षण की सुविधा होगी। ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के पदों में निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्षों की छूट मिलेगी। नायब सैनी ने कहा कि अगर कोई उद्योगपति अग्निवीरों को 30 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पर नौकरी देता है तो ऐसे उद्योगपतियों को सरकार की ओर से सालाना 60 हजार रुपये की सब्सिडी दी जायेगी।
अग्निवीरों को सेना से लौटने के बाद प्राइवेट सेक्टर में आसानी से नौकरी मिल सके, इसके लिए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आर्म लाइसेंस मिलेंगे। इसी तरह से विभिन्न विभागों तथा बोर्ड-निगमों में तैनाती चाहने वाले अग्निवीरों को मैरिट स्कोर में प्राथमिकता दी जायेगी। अगर कोई अग्निवीर अपना खुद का उद्योग लगाना चाहता है तो सरकार उसे पांच लाख रुपये तक का ब्याज रहित ऋण मुहैया करायेगी।
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