एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश में बुधवार को बिजली गिरने से अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गयी। ये मौतें तब बतायी गयी हैं, जब राज्य बाढ़ से जूझ रहा है। जिससे सामान्य जनजीवन ठप हो गया है। 11 मौतों के साथ प्रतापगढ़ में बिजली गिरने से सबसे अधिक मौतें हुईं।
इसके बाद सुल्तानपुर में सात, चंदौली में छह, मैनपुरी में पांच, प्रयागराज में चार, औरैया, देवरिया, हाथरस, वाराणसी और सिद्धार्थनगर में एक-एक मौत हुई। इन जिलों में दर्जनों लोग झुलस भी गये हैं। प्रतापगढ़ में पांच अलग-अलग क्षेत्रों में हुई मौतों के बाद उनके शवों को एकत्र कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
इस बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में भी कई लोग घायल हो गये और फिलहाल जिला अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। जिले में बुधवार शाम 4 बजे से 6 बजे के बीच बिजली चमकने के साथ भारी बारिश हुई। अधिकांश पीड़ित, जिनमें 13 और 15 वर्ष की आयु के दो चचेरे भाई-बहन शामिल हैं।
खेत में काम करते समय या मछली पकड़ते समय बिजली की चपेट में आ गये। सुल्तानपुर में हुई सात मौतों में तीन बच्चे थे। पीड़ित उस समय बिजली की चपेट में आ गये जब वे धान लगा रहे थे या आम तोड़ने या पानी लाने गये थे। बुधवार को भारी बारिश के दौरान एक पेड़ के नीचे शरण ले रही एक महिला की बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गयी।
औरैया में बारिश के कारण आम के पेड़ के नीचे शरण लेते समय एक 14 वर्षीय लड़के की मौत हो गयी। देवरिया में खेत की ओर जाते समय आकाशीय बिजली गिरने से 5 साल की एक बच्ची की मौत हो गयी, जहां उसके परिवार के सदस्य पहले से ही मौजूद थे।
वाराणसी में आकाशीय बिजली गिरने से दो भाइयों की मौत हो गयी, जिसमें एक की झुलसकर मौत हो गयी, जबकि दूसरे का फिलहाल इलाज चल रहा है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले पांच दिनों में उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अधिक व्यापक वर्षा जारी रहने का अनुमान लगाया है।
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