टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 4/07/024 दिन गुरुवार को जेबीकेएसएस केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो सह जेएसएसयू प्रमुख देवेंद्र नाथ महतो ने राजभवन के समक्ष पीजीटी परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे अनिश्चितकालीन आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर समर्थन दिया।
देवेन्द्र नाथ महतो ने बताया कि 60-40 हकमार नीति के तहत राज्य के अंदर नियुक्ति प्रक्रिया में भी धांधली की जा रही है। 3124 पदों में कुल 24 परीक्षा केंद्र पर परीक्षा का आयोजन किया गया था, लेकिन सिर्फ चार केंद्रों से पचास प्रतिशत से ज्यादा रिजेल्ट है। सभी 11 विषयों के टॉपर यही विशेष परीक्षा केंद्र से हैं।
इससे प्रतीत होता है कि परीक्षाफल में सेटिंग-गेटिंग हुआ है। पेपर लीक होने वाले जेएसएससी सीजीएल परीक्षा आयोजन करने वाले परीक्षा एजेंसी ही पीजीटी परीक्षा का आयोजन किया था। इसीलिए पीजीटी भर्ती में गड़बड़ी मामला की जांच सीबीआई और ईडी से कराया जाये।
साथ ही देवेंद्र नाथ महतो ने डेढ़ साल पहले ड्यूटी के दौरान लापता वीरता पुरस्कार से सम्मानित सीआरपीएफ जवान बादल मुर्मू की धर्मपत्नी झानो मुर्मू मुलाकात की। मौके पर देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि संथाल आदिवासी समाज से संबंध रखने वाले सरायकेला खरसावां राजनगर निवासी सीआरपीएफ जवान बादल मुर्मू चाईबासा में कार्यरत थे, जो 6 जनवरी 2023 को ड्यूटी के दौरान से लापता है।
डेढ़ साल बीत चुका, लेकिन अभी तक विभाग को बादल मुर्मू के बारे कुछ जानकारी नहीं है। बादल मुर्मू की धर्मपत्नी अपने बेटा, भाई और मां के साथ पिछले डेढ़ महीने से राजभवन के समक्ष अनिश्चिकालीन धरना में हैं लेकिन अभी किसी ने भी मुलाकात तक नहीं की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में आदिवासी की सरकार है लेकिन आदिवासी परिवार को न्याय नहीं मिल रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
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