टीम एबीएन, रांची। डीएवी कपिल देव में आज 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सत्यानंद योग संस्थान के स्वामी मुक्तरथ, बिहार स्कूल ऑफ योग मुंगेर के नीतीश कुमार और डीएवी कपिलदेव के शिक्षक त्रिपुरारि कुमार मिश्रा ने छात्र छात्राओं को कपालभाति, अनुलोम-विलोम, ताड़ासन, कोणासन, पद्मासन, अर्द्ध चक्रासन, बटरफ्लाई समेत हाथ, गर्दन, सिर आदि से संबंधित कई आसन और व्यायाम का अभ्यास कराया।
इस अवसर पर डीएवी झारखंड जोन बी के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी सह डीएवी कपिल देव के प्राचार्य श्री एम के सिन्हा ने कहा कि हमें निरंतर योग का अभ्यास करना चाहिए और योग के आठों अंगों को जानना चाहिए। उन्होंने कहा कि डीएवी संस्कृति और विज्ञान के साथ लेकर चलने वाली संस्था है।
पूरे भारत में डीएवी की लगभग 1000 संस्थाएं हैं और सभी संस्थाओं में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी संस्थाओं में योगाभ्यास का आयोजन किया जा रहा है। श्री सिन्हा ने कहा कि आज विश्व में शांति की जरूरत है और शांति सबसे पहले मन में आती है और योग मन शांत रखने में सहायक है।
श्री सिन्हा ने कहा कि योग से त्याग भावना का विकास होता है। श्री सिन्हा ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ कलाम, पूर्व प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री श्री लालबहादुर शास्त्री और महात्मा गांधी इसके प्रत्यक्ष उदाहरण रहे हैं। इस अवसर पर सत्यानंद योग संस्थान के स्वामी मुक्त रथ ने कहा कि योग को अपनाने से आपके जीवन में विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष करने की क्षमता बढ़ती है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालय के सभी बच्चों और शिक्षकों ने योगाभ्यास किया। अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर योग करने वाले सभी नामांकित छात्र छात्राओं को ई-प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। उक्त जानकारी डीएवी कपिल देव रांची के प्रेस प्रभारी आलोक इंद्र गुरु ने दी।
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