तसर और सिल्क उत्पादन से आत्मनिर्भर होंगे राज्य के लोग : चंपई सोरेन

 

  • झारखंड के सीएम चंपाई सोरेन बोले, तसर एवं सिल्क उत्पादन में रोजगार के अच्छे अवसर, ट्रेनिंग देकर बनायें आत्मनिर्भर

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि तसर एवं सिल्क उत्पादन में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। इनमें रोजगार के अच्छे अवसर हैं। लघु, कुटीर एवं छोटे-छोटे ग्रामोद्योगों को बढ़ावा दें। राज्य सरकार बंद पड़े औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित करेगी। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार सृजित करने का निर्देश अफसरों को दिया। वे झारखंड मंत्रालय में शुक्रवार को उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा कर रहे थे। 

सिल्क और तसर उत्पादन में रोजगार के अच्छे अवसर 

सीएम चंपाई सोरेन ने समीक्षा बैठक में कहा कि झारखंड में बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री के साथ-साथ लघु, कुटीर एवं छोटे-छोटे ग्रामोद्योगों को भी हर हाल में बढ़ावा दें। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे लघु, कुटीर एवं ग्रामोद्योगों से जोड़कर गरीब, किसान तथा जरूरतमंद लोगों की आय में वृद्धि लायी जा सकती है। 

झारखंड में सिल्क और तसर उत्पादन के क्षेत्र में रोजगार के अच्छे अवसर हैं। झारक्राफ्ट, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में अधिक से अधिक संख्या में महिलाओं को प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाएं। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। 

धागा उत्पादन के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं 

मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि राज्य में धागा उत्पादन के क्षेत्र में रोजगार की काफी संभावनाएं दिख रही हैं। राज्य खादी बोर्ड एवं झारक्राफ्ट के प्रतिनिधि महिलाओं को धागा उत्पादन के क्षेत्र में रोजगार के लिए प्रेरित करें तथा उन्हें प्रशिक्षित भी करें। तसर, रेशम कोकून की प्रोसेसिंग तथा धागा तैयार करने की ट्रेनिंग महिलाओं को अवश्य दें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन महिलाओं को खादी बोर्ड एवं झारक्राफ्ट द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है उन्हें राज्य सरकार की नीति के तहत 35% सब्सिडी देकर उपकरण भी उपलब्ध कराएं। 

सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर में स्थापित खादी पार्क में विभिन्न प्रकार के वस्त्र निर्माण उद्योग के लिए एक बेहतर कार्ययोजना बनाएं। राज्य सरकार द्वारा रोजगार सृजन के लिए जितने भी संसाधन विकसित किए गए हैं उनका बेहतर इस्तेमाल कर अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार का अवसर देना हमसभी की जिम्मेदारी है। अधिकारी कार्यशैली में बदलाव लाकर इन जिम्मेदारियों का तत्परता से निर्वहन करें। 

बंद पड़े औद्योगिक इकाइयों का सर्वेक्षण कर पुनर्जीवित करें 

मुख्यमंत्री ने झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जियाडा) के कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि जियाडा अंतर्गत वैसे औद्योगिक यूनिट जो स्थापित होने के बाद किसी कारणवश बंद पड़े हैं, उनका सर्वेक्षण करें। बंद पड़े औद्योगिक इकाइयों का नए सिरे से एलॉटमेंट कर उन्हें पुनर्जीवित करें। बंद पड़े औद्योगिक इकाइयां पुनर्जीवित होगी तो हजारों की संख्या में लोगों को रोजगार से जोड़ा जा सकेगा। 

राज्य सरकार द्वारा बनायी गयी औद्योगिक नीति के तहत 75% नियोजन स्थानीय लोगों को मिले यह हर हाल में सुनिश्चित की जाए। जिस क्षेत्र में औद्योगिक संस्थाएं स्थापित हुई हैं उन क्षेत्रों के स्थानीय लोगों को नियोजन में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। औद्योगिक क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण सड़क, बिजली, पानी सहित सुरक्षा, साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था करें। 

सीएम ने इन कार्यों में तेजी लाने का दिया निर्देश 

सीएम चंपाई सोरेन ने जिडको के कार्य की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने झारखंड प्लास्टिक पार्क, फार्मा पार्क, पीएम गतिशक्ति योजना, पीएम एकता मॉल तथा स्फूर्ति योजना के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, रांची के निर्माण कार्य एवं जिला उद्योग केंद्र की मरम्मत सहित जिडको की कई विभिन्न योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

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