जीवन की बागडोर चलाने को हमें पग-पग पर अनुशासन जरूरी : समणी मधुर प्रज्ञा जी

 

टीम एबीएन, रांची। जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्म संघ के आचार्य श्री महाश्रमण जी की विद्वान शिष्या समणी मधुर प्रज्ञा जी, शुभ प्रज्ञा जी, मनन प्रज्ञा जी आदि ठाना 3 का प्रवास दिगंबर जैन भवन रांची में चल रहा है। प्रतिदिन सुबह 8:45 से 9:45 प्रवचन, दोपहर 2:30 बजे से 3:30 बजे तक ज्ञान चर्चा तथा रात्रि 8:15 से अरिहंत वंदना की जाती है।

आज अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए समणी मधुर प्रज्ञा जी ने कहा कि अष्ट मंगल भावना में दूसरी मंगल भावना है श्री संपन्नोहं स्याम अर्थात में अनुशासन संपन्न बनूं। जीवन की बागडोर को चलाने के लिए पग-पग पर हमें अनुशासन की जरूरत है। एक कार चलाने वाला यदि सीट बेल्ट को नहीं बांधता है, तो उसे जुर्माना देना पड़ता है; क्योंकि उसने अनुशासन का नियम का भंग किया है।

इसलिए यदि हमें अपने जीवन को शिखर तक पहुंचाना है तो अनुशासन को समझना जरूरी है। मन का अनुशासन, वचन का अनुशासन, काया का अनुशासन जहां होता है वहां व्यक्ति अपने मन को नियंत्रित कर सकता है, अपने वाणी को नियंत्रित कर सकता है तथा उसमें विवेक होता है कि हमें कहां पर किसके सामने कैसी शिष्ट भाषा का प्रयोग करना है। आचार्य श्री तुलसी जी ने कहा है निज पर शासन- फिर अनुशासन। 

समणी जी ने आगे फरमाते हुए कहा कि इंद्रियों का संयम भी बहुत जरूरी है, यदि इंद्रियों पर अनुशासन नहीं होगा तो अनेक बीमारियों को आमंत्रण स्वत: मिल जायेगा। स्वस्थ और अच्छा जीवन जीना है तो अनुशासन के महत्व को समझे और अपने जीवन रूपी गाड़ी को सही पटरी पर चलायें। 

आज के प्रवचन में समाज के काफी श्रावक श्राविकाएं उपस्थित थे। शाम में  धार्मिक प्रश्नोत्तरी एवं भजन आदि का कार्यक्रम हुआ जिसमें बच्चों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse