एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के चोटी के बल्लेबाज अमेरिका के खिलाफ बुधवार को यहां होने वाले टी-20 विश्व कप के मैच में बेहतर प्रदर्शन करके आगे के कड़े मैचों के लिए लय हासिल करने की कोशिश करेंगे। अमेरिका की टीम भले ही अनुभवहीन है, लेकिन उसने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और भारत उसे किसी भी तरह से कम आंकने की कोशिश नहीं करेगा। भारत के कितने भी अंक हों उसे अगले चरण के लिए ए1 के रूप में वर्गीकृत किया गया है और वह अमेरिका के खिलाफ जीत दर्ज करके सुपर 8 में अपनी जगह सुनिश्चित करना चाहेगा।
नासाउ काउंटी मैदान की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल नहीं रही है। लेकिन भारतीय बल्लेबाज पाकिस्तान के खिलाफ अपने प्रदर्शन को दोहराने से बचना चाहेंगे जब टीम ने 30 रन के अंदर अपने अंतिम सात विकेट गंवा दिए थे। अमेरिका के खिलाफ ढीला रवैया भारत को भारी पड़ सकता है क्योंकि यह टीम पहले पाकिस्तान को भी हरा चुकी है।
अमेरिका की टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका भारत की तरफ से खेलने का सपना पूरा नहीं हो पाया था। इनमें सौरभ नेत्रवलकर और हरमीत सिंह भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी टीम की तरफ से अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है। पिच के व्यवहार ने भले ही टीमों के बीच अंतर को कम कर दिया है लेकिन अमेरिका के लिए भारतीय टीम से पार पाना आसान नहीं होगा।
अमेरिका की टीम दूसरी भारतीय टीम की तरह नजर आती है क्योंकि उसमें भारतीय मूल के आठ खिलाड़ी हैं। इसके अलावा पाकिस्तानी मूल के दो तथा वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड का एक खिलाड़ी उसकी टीम का हिस्सा है। पाकिस्तान पर सुपर ओवर में जीत दर्ज करने के बावजूद अमेरिका के खिलाड़ियों की खास चर्चा नहीं है लेकिन भारत के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन उन्हें क्रिकेट जगत में पहचान दिला सकता है।
मोनंक पटेल, हरमीत, नेत्रवलकर, जेसी सिंह और नोशतुश केंजीगे की भारत से जुड़ी अपनी-अपनी कहानी हैं लेकिन जब सामने रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी हों तो मुकाबला आकर्षक होना लाजमी है। कोहली और रोहित जैसे बल्लेबाजों को गेंदबाजी करना या बुमराह जैसे गेंदबाज का सामना करने का मौका हमेशा नहीं मिलता है और ऐसे में अमेरिकी खिलाड़ियों के लिए यह यादगार मौका होगा।
भारतीय टीम टॉस जीतने पर निश्चित तौर पर पहले बल्लेबाजी करना चाहेगी। अगर भारत पहले गेंदबाजी करता है तो फिर बुमराह, मोहम्मद सिराज और रविंद्र जडेजा जैसे गेंदबाजों के सामने अमेरिका के लिए तिहरे अंक में पहुंचना भी मुश्किल होगा। पिछले मैच में शिवम दुबे भारत की कमजोर कड़ी साबित हुए थे। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से शानदार प्रदर्शन करने वाला यह आक्रामक बल्लेबाज यहां की परिस्थितियों से सामंजस्य से बिठाने में नाकाम रहा है।
ऐसे में दुबे के लिए टीम में जगह बनाए रखना आसान नहीं होगा क्योंकि यशस्वी जायसवाल जैसे बल्लेबाज अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव जैसे कलाई के स्पिनरों को भी सुपर आठ से पहले मौका मिलना चाहिए। ऐसे में दुबे की जगह इन दोनों में से किसी एक को मौका मिल सकता है।
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