एबीएन सेंट्रल डेस्क। नरेंद्र मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। क्या आपको मालूम है कि जब वो दस साल पहले देश के पीएम बने थे, तब उनकी उम्र क्या थी। तब वह 63 साल के थे। उनका पीएम के तौर पर दो कार्यकाल 10 सालों का हो चुका है। देश के सबसे उम्रदराज पीएम कौन थे। ये निश्चित तौर पर उत्सुकता का विषय हो सकता है।
ये शख्स कोई और नहीं बल्कि मोरारजी देसाई थे, जो 1977 में देश के प्रधानमंत्री बने। हालांकि इस पद पर वह अपनी दावेदारी तब से ठोक रहे थे, जब 1964 में नेहरू का देहावसान हुआ। कांग्रेस में रहते हुए जब वह पीएम नहीं बन सके तो जनता पार्टी के नेता बनकर इस पद पर बैठे। हालांकि उनकी ये सरकार दो साल 126 दिन ही चल पायी। मोरारजी भाई ने 99 साल की उम्र पायी।
भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू 57 साल की उम्र में आजाद भारत के पहले पीएम बने। 1952 में पहले लोकसभा चुनावों में जब कांग्रेस जीतकर तो वह निर्वाचित पीएम बने। वह तीसरे कार्यकाल में भी लगातार पीएम बने लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण उनका निधन हो गया। वह पहले ऐसे प्रधानमंत्री भी थे, जिनका निधन पद पर रहते हुए हुआ। नेहरू कुल मिलाकर 16 साल 216 दिन इस पद पर रहे।
लाल बहादुर शास्त्री देश के दूसरे प्रधानमंत्री थे। नेहरू के देहावसान के बाद वह इस पर बैठे। तब उनकी उम्र 59 साल थी। हालांकि पद पर रहते हुए उनका भी निधन हो गया। वह प्रधानमंत्री के पद पर केवल एक साल 59 दिन तक रहे।
इंदिरा गांधी देश की तीसरी प्रधानमंत्री थीं। वह 24 जनवरी 1966 में देश की पीएम बनीं। तब उनकी उम्र केवल 48 साल थी। उन्होंने 1967 के चुनावों में कांग्रेस को जीत दिलायी। फिर पीएम बनीं। 1969 में उन्होंने कांग्रेस में दोफाड़ कर दी और पद पर बरकरार रहीं। 1971 में चुनाव जीतकर तीसरी बार पीएम बनीं लेकिन उन्होंने 1975 में आपातकाल लगा दिया। इसका नतीजा ये हुआ कि 1977 के चुनावों में वह बुरी तरह हारीं। हालांकि 1980 के चुनावों में उन्होंने जबरदस्त वापसी की लेकिन चार साल बाद ही उनके ही सिख अंगरक्षकों ने फायरिंग करके उनकी हत्या कर दी। भारत के पहले तीन प्रधानमंत्री इस तरह अपने कार्यकाल के दौरान ही दिवंगत हुए।
वीपी सिंह 2 दिसंबर 1989 में पीएम बने। तब उनकी उम्र 58 साल थी लेकिन उनकी सरकार 343 दिन ही चल पायी। इसके बाद कई गठजोड़ सरकारें बनीं और गिरीं।
इसके बाद चंद्रशेखर की सरकार बनी। लेकिन ये 223 दिन चली। प्रधानमंत्री बनने पर उनकी उम्र 63 साल थी। उनके बाद देवगौड़ा भी 63 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने। आईके गुजराल भी फिर पीएम की गद्दी पर बैठे। तब उनकी उम्र 77 साल थी।
कांग्रेस के पीवी नरसिंहराव ने 21 जून 1991 में कांग्रेस की अगुवाई में गठजोड़ वाली सरकार बनाई थी। तब वह 69 साल के थे। उन्हें भी नहीं मालूम था कि वह इस कुर्सी पर बैठ सकेंगे। वह तो दिल्ली से सारा सामान बटोर कर आंध्र प्रदेश में अपने गृहगांव जाने की तैयार कर रहे थे। उनकी सरकार 04 साल 330 दिनों तक चली।
इस दौर के बाद अटल बिहारी पीएम बने। वह तीन बार पीएम बने। पहली बार तो उनकी सरकार महज 13 दिन ही चल पायी थी। वह तब 72 साल के थे। इसके बाद उनकी सरकार 13 महीने चली और फिर उसने पांच साल का कार्यकाल भी पूरा किया।
वर्ष 2004 से 2014 तक दो टर्म में प्रधानमंत्री रहने वाले मनमोहन सिंह 71 साल की उम्र में पीएम बने थे। दोनों टर्म में उन्होंने केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई में गठजोड़ वाली सरकार चलायी। उनकी यूपीए की पहली सरकार का कार्यकाल तो बेहतर रहा लेकिन दूसरे कार्यकाल में वह कई विवादों और कथित घोटालों से घिर गयी।
देश में एक प्रधानमत्री ऐसे भी हुए जो गद्दी पर बैठे लेकिन बहुमत ही साबित नहीं कर पाये। इंदिरा गांधी ने मोरारजी देसाई की सरकार के गिरने के बाद उन्हें भरोसा दिया था कि वह उन्हें बाहर से समर्थन देंगी लेकिन जैसे ही चरण सिंह ने शपथ ग्रहण की और सदन में बहुमत साबित करने का मौका आया तब इंदिरा ने समर्थन नहीं देने का फैसला कर लिया। चरण सिंह की उम्र 76 साल की थी।
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