एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर। पांकी थाना के सोरठ गांव में एक कुआं में पानी पीने उतरने के दौरान डूबने से करीब 40 बंदरों की मौत हो गयी। इतनी अधिक संख्या में बंदरों की मौत के जिम्मेवार वन विभाग के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाय। उक्त बातें आजसू के केंद्रीय सचिव सतीश कुमार ने कही।
उन्होंने कहा कि जब वन विभाग के पदाधिकारी के संज्ञान में है कि पलामू में हिट बेव जारी है, तो जानवर के लिए पानी की व्यवस्था क्यों नहीं की गयी? सरकार गर्मी में जानवर को पानी पिलाने के लिए राशि आवंटित करती है। जिसका वारा न्यारा वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारी कर लेते हैं। वन्य जीव संरक्षण कानून की धज्जियां उड़ायी जा रही है। झारखंड में वन विभाग की जिम्मेवारी मुख्यमंत्री की है।
सरकारी संरक्षण में जंगल की अंधाधुंध कटाई भी इस वन्य जीवों की हत्या का जिम्मेवार हैं। जल जंगल जमीन पर जनता का अधिकार हो, ये नारा तकिया कलाम बन कर रह गया है। हिट वेव से मरने वाले चमगादड़ और बंदर की मौत की जांच-पड़ताल कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाये।
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