एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति केरल में मानसून के आरंभ से चिह्नित होती है। यह गर्म और शुष्क मौसम से बरसात के मौसम में संक्रमण को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण संकेतक है। जैसे-जैसे मानसून उत्तर की ओर बढ़ता है, क्षेत्रों में चिलचिलाती गर्मी के तापमान से राहत का अनुभव होता है। मानसून, 2024 के दस्तक देने की तारीख आ गयी है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून आम तौर पर लगभग 7 दिनों के मानक विचलन के साथ 1 जून को केरल में प्रवेश करता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग 2005 से केरल में मानसून के आरंभ की तारीख के लिए परिचालन पूवार्नुमान जारी कर रहा है। इस उद्देश्य के लिए 4 दिनों की मॉडल त्रुटि के साथ स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक सांख्यिकीय मॉडल का उपयोग किया जाता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक इस वर्ष दक्षिण पश्चिम मानसून का 4 दिन की मॉडल त्रुटि के साथ 31 मई को केरल में आगमन होने की संभावना है। आमतौर पर केरल में दस्तक देने के 10 दिनों के भीतर झारखंड में मानसून प्रवेश कर जाता है। इस हिसाब से झारखंड में इसके 10 जून तक आने की संभावना है।
पिछले 19 वर्षों (2005-2023) के दौरान केरल में मानसून के आरंभ की तारीख के आईएमडी के परिचालन पूवार्नुमान 2015 को छोड़कर सही साबित हुए थे। हाल के 5 वर्षों (2019- 2023) के लिए पूवार्नुमान सत्यापन नीचे तालिका में दिया गया है।
2019 8 जून 6 जून
2020 1 जून 5 जून
2021 3 जून 31 मई
2022 29 मई 27 मई
2023 8 जून 4 जून
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