टीम एबीएन, रांची। हेमंत सोरेन को झारखंड हाईकोर्ट से एक और झटका लगा है। हाईकोर्ट ने प्रोविजनल बेल वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। हेमंत सोरेन की तरफ से उनके चाचा के निधन पर श्राद्धकर्म में शामिल होने के लिए प्रोविजनल बेल की मांग की गयी थी।
मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने हेमंत सोरेन की याचिका को खारिज करते हुए किसी भी तरह का प्रोविजनल बेल देने से इनकार कर दिया है।
हालांकि हाईकोर्ट ने कहा है कि हेमंत सोरेन अपने चाचा के श्राद्धकर्म में 6 मई को शामिल हो सकते हैं। लेकिन इस दौरान वह पुलिस कस्टडी में ही रहेंगे और उसी दिन जेल वापस लाया जायेगा। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि श्राद्धकर्म में शामिल होने के क्रम में हेमंत सोरेन न तो मीडिया से बात करेंगे और न ही किसी तरह का राजनीतिक भाषण देंगे।
झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए औपबंधिक जमानत देने से इनकार किया है। वह 6 मई को अपने चाचा के श्राद्धकर्म में जा सकेंगे लेकिन इस दौरान पुलिस कस्टडी में ही रहेंगे।
आपको बता दें कि पिछले शनिवार को रांची में झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के बड़े भाई राजाराम सोरेन का निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव नेमरा ले जाया गया। पार्थिव शरीर को उनके दिवंगत भाई लालू सोरेन के पुत्र दयानंद सोरेन ने मुखाग्नि दी।
इस दौरान मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन, मंत्री मिथिलेश ठाकुर, विधायक बसंत सोरेन, रूपी सोरेन और कल्पना सोरेन भी मौजूद थीं। उन्हीं के श्राद्धकर्म में शामिल होने के लिए हेमंत सोरेन की ओर से प्रोविजनल बेल देने का आग्रह किया गया था, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
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