झारखंड : कक्षा एक से आठ तक की कक्षाएं बंद, दो बार वाटर बेल

 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के शिक्षा सचिव उमा शंकर सिंह के द्वारा निर्गत पत्र के आधार पर आज दिनांक 30 अप्रैल से अगले आदेश तक झारखंड में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण वर्ग 1 से वर्ग 8 तक के सभी तरह के विद्यालयों को बंद करने की सूचना जारी की गयी। सही बात है कि कुछ वर्षों से झारखंड में गर्मी का तापमान लगातार बढ़ते जा रही है और बच्चों की सुरक्षा अतिआवश्यक है। 

लेकिन हम विद्यालय संचालक सरकार के इस निर्णय से किंकर्तव्यविमूढ़ हैं क्योंकि एक दिन पहले ही एक सूचना जारी किया गया कि वाटर बेल (पानी घंटी) कम से कम दो बार दिया जाये, जिसका अनुपालन सभी विद्यालय कर रहे थे। उसके दूसरे ही दिन अचानक बन्द की सूचना देने की क्या जरूरत पड़ गयी। 

कुछ विचारणीय बिन्दु जिस पर हम सभी झारखण्ड वासियों को चर्चा करना जरूरी है:- 

  1. क्या कोई नागरिक से या कोई समूह से बन्द करने की अपील की गई थी और कि भी गयी तो इसकी सूचना कोई प्रिंट मीडिया या न्यूज चैनल पर आया था? 
  2. क्या आपको मालूम है कि हमारे पड़ोसी राज्य बिहार में सुबह 6 बजे से 9.30 बजे तक विद्यालय संचालन का समय निर्धारित है। 
  3. लगातार 45 दिनों से भी ज्यादा विद्यालय बन्द रहती है तो ऐसी स्थिति में जितना पाठ पढ़ाया गया है उसे फिर से शुरू करना पड़ेगा क्योंकि अधिकतर बच्चे शिक्षा से दूर हो जायेंगे। 
  4. सभी विद्यालय के शिक्षक हत्प्रत हो गए हैं क्योंकि अभी का समय पूर्ण रूप से पढ़ाई की ओर केंद्रित रहती है क्योंकि इस समय न कोई पर्व त्योहार रहता है न कोई शादी का लग्न। मई और जून में ठीक से पढ़ाई कर यूनिट टेस्ट किया जाता है। 
  5. प्री प्राइमरी के शिक्षक जो ग्रीष्मावकाश का गृह कार्य देते हैं उनको प्रत्येक पेज पर लिख कर दिया जाता है जिसका कोई समय नहीं मिला। 
  6. विद्यालय अपने अनुसार कुछ पूरा और कुछ आधा अधूरा चैप्टर की पढ़ाई किये होंगे, चाहे कोई भी क्लास हो सभी क्लास के छात्रों को गृह कार्य देने में कई तरह की परेशानियां आ रही होगी। 
  7. कुछ गृह कार्य में फाइल वर्क, प्रोजेक्ट वर्क, ड्रॉइंग वर्क विषय अनुसार और क्लास के अनुसार दिया जाता है, इस तरह के कार्य देने से पहले छात्रों को समझाया जाता है, वह रूक गया। 
  8. अभी भी समय है शिक्षा विभाग  सुबह 6 बजे 9 बजे तक ही कुछ दिनों के लिए विद्यालय संचालन का आदेश देना चाहिए क्योंकि कोई भी स्कूल फिर से आनलाइन क्लास नहीं कराने के पक्ष में है। 

अत: आप सभी विद्यालय संचालकगण, प्राचार्य गण, शिक्षकबृंद सभी अपने अपने तरीके से सरकार तक आवाज पहुंचाने का कार्य करें। उक्त जानकारी अरविंद कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

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