सभी को तीन सौ करोड़?

 

एनके मुरलीधर

एबीएन एडिटोरियल डेस्क। लोक सभा के चुनाव प्रचार के आंरभ में ही पीएम मोदी ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि वे पश्चिम बंगाल में जब्त तीन हजार करोड़ रुपये को वहां के निर्धन परिवारों के बीच के वितरित करने की योजना पर कानूनी सलाह ले रहे हैं। 

सरकार ने संसद में बताया था कि 2017 से 2023 के बीच में आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली एजेंसियों द्वारा लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया था कि ईडी, डीआरआई, आयकर विभाग और अन्य केंद्रीय एजेंसियों द्वारा 10,683 करोड़ रुपये की 204 अचल संपत्तियां कुर्क की गयी हैं। संसद में दिये गए जवाब में पंकज चौधरी ने यह भी कहा था 2017-18 और 2021-22 के बीच दोनों बोर्डों द्वारा बेची गई संपत्ति 71 करोड़ रुपये की थी। 

वित्त राज्य मंत्री ने बताया था कि कई मामलों में सीबीडीटी  और सीबीआईसी  द्वारा संपत्तियों को कुर्क किया जाता है। कुर्क को अदालत में चुनौती दी जाती है और जब तक अदालत मामले का फैसला नहीं करती इन संपत्तियों को नहीं बेचा जा सकता है। इसके साथ ही पिछले पांच वर्षों के दौरान (1 फरवरी, 2018 से 31 जनवरी, 2023 तक) प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 15,619.56 करोड़ की जब्ती की गयी थी। 

मंत्री द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक, 15,113.91 करोड़ रुपये की संपत्ति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जमा कर दी गई है। लोकसभा की पश्चिम बंगाल की भाजपा प्रत्याशी अमृता राय से फोन पर बातचीत के क्रम में पीएम मोदी ने यह बात कही है। याद रहे कि विगत चुनाव में विदेशी काला धन भारत लाकर हर भारतीय परिवार को 15 लाख देने की बात को भी लोगों ने सुना था जिसे बाद में चुनावी जुमला बता दिया गया। तीसरी बारजीत को आश्वस्त मोदी क्या इस मुद्दे पर सही में गंभीर हैं?

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया था कि ईडी, डीआरआई, आयकर विभाग और अन्य केंद्रीय एजेंसियों द्वारा 10,683 करोड़ रुपये की 204 अचल संपत्तियां कुर्क की गयी हैं। संसद में दिये गए जवाब में पंकज चौधरी ने यह भी कहा था 2017-18 और 2021-22 के बीच दोनों बोर्डों द्वारा बेची गई संपत्ति 71 करोड़ रुपये की थी। वित्त राज्य मंत्री ने बताया था कि कई मामलों में सीबीडीटी  और सीबीआईसी  द्वारा संपत्तियों को कुर्क किया जाता है। 

कुर्क को अदालत में चुनौती दी जाती है और जब तक अदालत मामले का फैसला नहीं करती इन संपत्तियों को नहीं बेचा जा सकता है।इसके साथ ही पिछले पांच वर्षों के दौरान (1 फरवरी, 2018 से 31 जनवरी, 2023 तक) प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 15,619.56 करोड़ की जब्ती की गयी थी। मंत्री द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक, 15,113.91 करोड़ रुपये की संपत्ति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जमा कर दी गयी है। 

लोकसभा की पश्चिम बंगाल की भाजपा प्रत्याशी अमृता राय से फोन पर बातचीत के क्रम में पीएम मोदी ने यह बात कही है। याद रहे कि विगत चुनाव में विदेशी काला धन भारत लाकर हर भारतीय परिवार को 15 लाख देने की बात को भी लोगों ने सुना था जिसे बाद में चुनावी जुमला बता दिया गया। तीसरी बारजीत को आश्वस्त मोदी क्या इस मुद्दे पर सही में गंभीर हैं?

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