आज क्या जरूरी है ?

 

एबीएन नॉलेज डेस्क 

अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा है : इंटेलिजेंट वही है जो अपने आप को बदलना जानता है। समय के साथ बदलना जरूरी है। जो समय के साथ नहीं चलते वे पीछे छूट जाते हैं। कई क्षेत्रों में अपने आप को बदलने की सख्त जरूरत है। आज पढ़ाई और करियर से संबंधित बदलाव के बारे में बात कर रहा हूं। इस पर गौर करें।

  1. पढ़ाई : आज का दौर स्पेशलाइजेशन का है। कुछ भी पढ़ लेने से कुछ भी हासिल नहीं होने वाला, भले ही आप टॉपर क्यों न हों। परंपरागत विषयों में ग्रेजुएशन करके कोई फायदा नहीं है। ट्वेल्थ के बाद बहुत सोच समझकर जॉब ओरिएंटेड कोर्स करना चाहिए ताकि ग्रेजुएशन के बाद व्यक्ति कमाने के योग्य बन सके। 
  2. आर्गेनाइजेशन : छात्रों की पूरी कोशिश होनी चाहिए कि वे टॉप रैंकिंग एजुकेशनल आॅगेर्नाइजेशन से ट्वेल्थ के बाद की पढ़ाई करें। तभी उनको सही प्लेसमेंट मिलेगा और अच्छी सैलरी भी। कहीं से कुछ भी पढ़ लेना समय और पैसे की बबार्दी है। इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट यहां तक कि सिम्पसल ग्रैजुएशन भी बहुत अच्छे आॅगेर्नाइजेशन से करें। 
  3. डिग्री : 12वीं की डिग्री के बाद तभी पढ़ाई करें जब आपको पढ़ाई में मन लगता हो। पढ़ाई में मन नहीं लगता, तो ऐसे करियर की तलाश करें, जिसमें पढ़ाई कम, प्रैक्टिकल, फील्ड वर्क, ट्रेंनिंग ज्यादा हो। डिप्लोमा कोर्स करें। ऐसी पढ़ाई जिसके बाद नौकरी मिलने की गुंजाइश हो। 
  4. नॉलेज: आजकल सिर्फ सर्टिफिकेट और डिग्री से कुछ नहीं होता। आपको मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए। बिना नॉलेज के आप कोई प्रतियोगिता परीक्षा, इंटरव्यू नहीं निकाल सकते। बिना नॉलेज के आजकल एक साधारण सी प्राइवेट नौकरी भी नहीं मिलती। इसलिए जैसे-तैसे सिर्फ डिग्री हासिल करने वाली पढ़ाई न करें। पढ़ना है तो मन लगाकर पढ़ना है।  
  5. स्मार्टनेस : अच्छे रिजल्ट के साथ-साथ आपको स्मार्ट होना जरूरी है। आपका कम्युनिकेशन स्किल अच्छा होना चाहिए। याद रखें 85% सफलता हमारे स्मार्टनेस और अच्छे कम्युनिकेशन स्किल के बल पर मिलती है।  शुरू से ही पढ़ाई के साथ-साथ अपने कम्युनिकेशन स्किल्स पर ध्यान दें। स्कूल-कॉलेज में होने वाले सारे कल्चरल और एजुकेशनल इवेंट्स में भाग लें। पेरेंट्स सिर्फ पढ़ो-पढ़ो वाली सोच से बाहर निकलें। पढ़ाई के साथ-साथ अपने बच्चों को एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। 
  6. सरकारी नौकरी : सरकारी नौकरी की तैयारी के पीछे 10-15 साल गवां देना सरासर बेवकूफी है। इसकी तैयारी 10वीं या 12वीं के बाद ही शुरू कर दें। ग्रेजुएशन तक अपनी तैयारी पूरी कर लें। ग्रेजुएशन के बाद कोई पार्ट टाइम अर्थात 6 घंटा वाला काम जरुर करें। पैसे का उपार्जन करें, अपना अनुभव बढ़ायें। 2 घंटा नियमित रूप से प्रतियोगिता परीक्षा के प्रश्नों को सॉल्व करें। 3 साल तक प्रतियोगिता परीक्षा दें। होता है तो ठीक, नहीं तो अपना रास्ता बदलें।   

आज करियर की कमी नहीं है। सैकड़ों करियर हैं। कमी है जानकारी की। जरूरत है परंपरागत सोच से बाहर आने की।  

मूल मंत्र : लियो टॉलस्टॉय ने कहा है - हर कोई दुनिया बदलने की सोचता है, कोई अपने आप को नहीं बदलता। आज का समय है, अपने आप को बदलने का। आज का युग है- ज्ञान और स्पेशलाइजेशन का। स्मार्टनेस और बोल्डनेस का। अच्छे कम्युनिकेशन स्किल्स का। 12वीं के बाद सोच समझकर जॉब ओरिएंटेड कोर्स करें, अच्छे आॅगेर्नाइजेशन से करें। तभी चूमेगी सफलता आपके कदम।

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