झारखंड : रांची में ओलावृष्टि के साथ झमाझम बारिश

 

झारखंड में बदला मौसम का मिजाज

आज भी बारिश के साथ ओलावृष्टि के भी आसार 

टीम एबीएन, रांची। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से राजधानी रांची सहित राज्य के ज्यादातर जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बुधवार को सुबह के बाद शाम में भी जोरदार बारिश हुई। शाम में ओलावृष्टि भी हुई। राजधानी रांची के अलावे कई अन्य जिलों में भी गर्जन के साथ झमाझम बारिश हुई। झारखंड में फिलहाल 15 फरवरी तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहनेवाला है। 

बारिश के कारण राज्य के कई जिलों का मैक्सिमम तापमान में गिरावट दर्ज की गयी है। बारिश के कारण जनजीवन भी अस्त व्यवस्त हो गया है। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। पिछले 24 घंटों में राज्य में लगभग सभी स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई। सबसे अधिक वर्षा 24.3 मिमी रामगढ़ दर्ज किया गया। सबसे अधिक उच्चतम तापमान 30.4 डिग्री सेंटिगे्रड चाईबासा में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.2 मिमी मौसम केन्द्र रांची में दर्ज किया गया।

इन जिलों में हुई बारिश 

रांची, गुमला, खूंटी, गढ़वा, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, सराईकेला -खरसावां, चतरा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा जिले में बुधवार को मेघगर्जन, वज्रपात के साथ बारिश हुई। 

मौसम केंद्र ने जारी किया येलो अलर्ट

मौसम केंद्र ने येलो अलर्ट भी जारी किया है। 15 फरवरी को भी राजधानी रांची सहित कई जिलों में बारिश हो सकती है। 16 फरवरी से मौसम के साफ होने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार को भी देवघर के कई इलाकों में बारिश की संभावना है। मैक्लुस्कीगंज व आसपास के इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।  

राजधानी रांची के कई मुहल्ले जलमग्न, सरस्वती पूजा की उत्साह में खलल 

बुधवार शाम को हुई जोरदार बारिश की वजह से राजधानी रांची के किशोरगंज का निचला इलाका, मधुकम, रातू रोड के इंद्रपुरी, लोहराकोचा, हिंदपीढ़ी के कई मुहल्ले जलमग्न हो गये। कई लोगों के तो घरों में भी पानी घुस गया। बारिश की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना उठाना पड़ा। वहीं सरस्वती पूजा का उत्साह भी फीका पड़ गया। 

बेमौसम बारिश से खेती-बाड़ी पर पड़ा असर 

राज्य में बेमौसम बारिश का खेती-बाड़ी पर मिलाजुला असर पड़ने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञ और जिला कृषि पदाधिकारी डॉ रामाशंकर सिंह ने कहा कि बेमौसम हो रही बरसात का खेती-बाड़ी पर मिलाजुला असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से राज्य में हो रही वर्षा जहां गेहूं, तिलहन और दलहन के लिए लाभकारी साबित होगा। 

सब्जियों के लिए बारिश नुकसानदायक 

वहीं सब्जियों के लिए यह वर्षा नुकसानदायक साबित होगा। उन्होंने कहा कि अगर वर्षा अगले दो से तीन दिन और हो गया तो खेत में लगी सब्जियों को नुकसान पहुंचना तय है। कृषि पदाधिकारी रामाशंकर सिंह ने कहा कि आलू की फसल जहां-जहां तैयार हो गयी है, उस पर बेमौसम बरसात का खराब असर पड़ेगा। 

राज्य में लगभग 11 लाख हेक्टेयर जमीन पर रबी की होती है खेती 

झारखंड में लगभग 11 लाख हेक्टेयर भूमि पर रबी की खेती की जाती है, लेकिन इस वर्ष 150 से अधिक प्रखंडों में सुखाड़ की वजह से इस वर्ष लक्षित भूमि के लगभग 50% भू-भाग पर ही रबी की खेती की गई है। राज्य में इस वर्ष सिर्फ 01 लाख, 38 हजार, 119 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल लगाई जा सकी है। 

इसी तरह मक्का 8426 हेक्टेयर भूमि पर, चना 01 लाख 76 हजार 636 हेक्टेयर भूमि पर, मसूर 01 लाख 09 हजार 637 हेक्टेयर जमीन पर, सरसो 03 लाख 07 हजार 372 हेक्टेयर भूमि पर और तीसी की फसल 91 हजार 971 हेक्टेयर भूमि पर ही लगाई जा सकी है। 

16 फरवरी से साफ होगा मौसम 

मौसम केंद्र रांची से मिली जानकारी के अनुसार 15 फरवरी को राज्य के पूर्वी और निकटवर्ती मध्य भाग वाले जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना जतायी गयी है। 16 फरवरी से मौसम साफ होने की संभावना जतायी गयी है।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse