टीम एबीएन, रांची। पवित्रम गो सेवा परिवार झारखंड के प्रांतीय संयोजक अजय कुमार भरतिया एवं प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने संयुक्त रूप से बताया है कि आज हमारी अधिकतर बीमारियों का कारण है यूरिया फार्टिलाईजर और केमिकल से उपजाया हुआ हमारा भोजन है तथा गो हत्या का भी एक मुख्य कारण है गौ आधारित खेती का बंद होना।
पवित्रम गो सेवा परिवार पिछले कई वर्षों से घायल बीमार गोवंश की चिकित्सा, सेवा, गांव-गांव में जैविक खेती के नि:शुल्क प्रशिक्षण, पञ्चगव्य उत्पाद के प्रचार-प्रसार एवं गौ कथाओं के माध्यम से जनजागरण का कार्य कर रहा है। ताकि देशी गोवंश को बचाया जा सके।गो आधारित जैविक खेती से केवल गाय ही नहीं पर्यावरण एवं लोगों के स्वास्थ्य को बचाया जा सकता है।
पवित्रम गो सेवा परिवार ने इसी श्रृंखला के तहत धनबाद में सरायढेला में 4 फरवरी से पवित्रम स्वदेशी प्रचार केंद्र शुरू करने जा रहा है, जिस पर बहुत ही अच्छे मूल्यों पर समाज तक सीधे किसानों के घर से गो आधारित खेती से उपजाये हुए अन्न, ढेकी से कूटे चावल, जैविक बिना पॉलिश किया हुआ बाजरा, मिट्टी के बर्तन, हाथ से बिलौया देशी गो का घी, कोल्हू से निकाला गया तेल, सल्फर फ्री चीनी, आर्गेनिक गन्ने से घर का बना गुड़, गोबर से बनी बिना केमिकल वाली धूप, गोबर निर्मित दीपक, मूर्तियां, पंचगव्य से बनी औषधियां, शैंपू, गोमूत्र अर्क इत्यादि अनेक स्वदेशी वस्तुएं पहुंचाने के लिए प्रयास किया जायेगा।
इस तरह के केंद्र अन्य शहरों में भी खोलने की योजना है। उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि हम सभी जन जन को निरोगी बनाने, गो हत्या रोकने, पर्यावरण रक्षा के अभियान में शामिल हो, हमारी सहभागिता से वनवासी भाई बहनों, ग्रामीणों, दिव्यांगजनों एवं गो शालाओं को संबल प्राप्त होगा।
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