टीम एबीएन, रांची। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के तत्वावधान में घर-घर, परिवार तपोवन, शक्तिपीठों, प्रज्ञापीठों,महिला मंडलों, इकाइयों में पुत्रदा एकादशी व्रत-उपवास, जप-अनुष्ठान, यज्ञीय अनुष्ठान दो दिवसीय किया। इसमें प्रथम दिन पुत्रदा एकदाशी पर अखंड दीप साथ महामंत्र जप-अनुष्ठान रांची व झारखंड सहित आनलाइन अनेक प्रांतों से साधक जुड़े।
जप-अनुष्ठान समूह में कुछ विशिष्ट परिवार साधकों ने एकदाशी व्रत जप-अनुष्ठान का शतक मनाया और इस दो दिवसीय अवसर पर 100 माला गायत्री महामंत्र व सहायक मंत्रों का जप किया। दूसरे दिन यज्ञीय अनुष्ठान और स्वाध्याय मंडल प्रतिनिधित्व में अयोध्या नगरी में अपने गर्भगृह में परम प्रभु श्रीराम भगवान के शुभ आगमन और प्राण प्रतिष्ठापन के महापावन अवसर पर साधक-शिष्य गण राममय यज्ञमय हुए।
जप-अनुष्ठान मंडल ने विधिवत गुरु-ईश ध्यान, श्रीलक्ष्मी नारायण एवं सर्वदेव पूजा-पाठ सहित जप अनुष्ठान प्रारंभ किया। एक साधक-शिष्य ने इस एकादशी पर जप-अनुष्ठान का 100 वां एकादशी व्रत-उपवास बता प्रसन्नता अनुभव की। इसे नव निर्माण में परमार्थ व सामूहिक आध्यात्मिक जप-अनुष्ठान अभियान बताया।
बताया कि यह एकदाशी दिवस आनलाइन जप-अनुष्ठान समूह मंडल प्रतिनिधित्व की ओर से वर्ष 2020 फरवरी में रांची धूर्वा बस स्टैंड गायत्री प्रज्ञापीठ में शांतिकुंज के तत्वावधान में आयोजित तत्कालीन 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के समय राष्ट्र स्तरीय आनलाइन जप-अनुष्ठान प्रतिनिधि मंडल के मार्गदर्शन व सानिध्य में संकल्पित होकर इसअभियान समूह में शामिल होकर एकादशी व्रत-उपवास जप-अनुष्ठान का नियमित सदस्य बन लगातार निष्ठापूर्वक किया और श्रीगुरुसत्ता के कमलचरणों में अर्पित किया।
दूसरे दिन चिरप्रतीक्षित निर्णय व उद्देश्य पर प्रभु श्रीराम लला की गर्भ गृह में प्रतिष्ठापन के शुभ अवसर पर दो दिन में 100 माला गायत्री महामंत्र का जप-अनुष्ठान पूर्ण किया। इस अवसर पर सर्वत्र व्यापक स्तर पर गायत्री परिवार साधकों ने अपनी पीठों व इकाइयों में और आनलाइन भी सुबह गायत्री यज्ञ और सायंकालीन दीप यज्ञ कर दीपोत्सव बड़े उमंग उल्लास व उत्साहपूर्वक मनाया। संध्याकाल में भजन-कीर्तन युग-गायन का महिला मंडल ने शुभारंभ किया। शुद्ध हृदय से मुक्त कंठ से जय बोलो श्रीराम की, मन-मंदिर में भी दीप जला लो, नाम ले श्रीराम की... साधक-शिष्यों ने गाया।
इस अवसर पर आनलाइन स्वाध्याय मंडल प्रतिनिधि व साधक-शिष्य भाई-बहन शरीक हो बहुत ही भाव-विभोर होकर राममय, यज्ञमय और आनन्दमय बनाते हुए जोश में जयघोष कर वातावरण गुंजायमान किया। कुछ इकाइयों ने इसे और अधिक रूचिकर और प्रभु रूप श्रीरामलला और गुरुरूप श्रीराम आचार्य के जीवन वृतांत, आदर्शमय जीवन पर पाठ-संवाद, गायन वादन आज से पूर्णमासी तक जारी रखने का निर्णय लिया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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