टीम एबीएन, रांची। हेमंत सरकार झारखंड के छात्रों की शैक्षणिक उत्कृष्टता हेतु सीएम फेलोशिप योजना लेकर आयी है। इसके तहत पीएचडी शोध के लिए चयनित यूजीसी नेट/सीएसआईआर नेट उत्तीर्ण छात्रों को 4 साल तक 25 हजार रुपये प्रतिमाह दी जायेगी।
बता दें कि सीएम फेलोशिप योजना के तहत यूजीसी नेट / सीएसआईआर नेट उत्तीर्ण छात्रों को 25000 रुपये प्रतिमाह और झारखंड पात्रता परीक्षा पास छात्रों को 22500 रुपये प्रतिमाह 4 साल तक दिये जायेंगे।
इस योजना से प्रतिवर्ष कुल 1000 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। साथ ही पॉलिटेक्निक, डिप्लोमा और स्नातक स्तर पर 1500 रुपये प्रतिमाह, स्नातकोत्तर स्तर पर एक सेमेस्टर की अधिकतम अवधि के लिए 2000 रुपये प्रति माह की शिक्षण सहायता प्रदान की जायेगी।
यह योजना अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू हो जाने की उम्मीद है। यह जानकारी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार ने बीते शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि पॉलिटेक्निक, डिप्लोमा और स्नातक स्तर पर भी छात्रवृत्ति योजना के तहत 1,500 रुपये प्रतिमाह और स्नातकोत्तर स्तर पर एक सेमेस्टर की अधिकतम अवधि के लिए 2,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी।
सरकार ने उच्च मान्यता प्राप्त शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट योजना के तहत 15 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन 4 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की रियायती दर पर उपलब्ध कराये जाने की योजना भी लॉन्च कर दी है।
प्रधान सचिव ने कहा कि शिक्षण अवधि तक लोन की ईएमआई नहीं देनी होगी, ईएमआई कोर्स पूरा करने के बाद ही देय होगी। उन्होंने कहा कि यूपीएससी, जेपीएससी एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारियों के लिए प्रतिष्ठित सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध करायी जायेगी।
साथ ही 2500 रुपये का मासिक भत्ता भी दिया जायेगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए झारखंड से 12वीं उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 25 सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों में 27000 विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रधान सचिव ने कहा कि इसी तरह तकनीकी शिक्षण संस्थानों में छात्राओं के नामांकन में सुधार हेतु मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना शुरू करने की योजना है। इसके तहत डिप्लोमा करने के लिए 15,000 रुपये की वार्षिक सहायता एवं डिग्री के लिए 30,000 रुपये की वार्षिक सहायता दी जायेगी।
प्रधान सचिव ने कहा कि राज्य में निजी विश्वविद्यालयों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को सुनिश्चित करने और मॉनिटरिंग करने के लिए मॉडल यूनिवर्सिटी एक्ट (झारखंड निजी विश्वविद्यालय विधेयक) का प्रारूप तैयार किया गया है।
विश्वविद्यालयों में घंटी आधारित शिक्षकों का पारिश्रमिक को बढ़ाकर 57,700 रुपये प्रति माह एवं पॉलिटेक्निक में 56,100 रुपये प्रति माह किया गया है। वहीं, रांची में स्थित विज्ञान केंद्र का उन्नयन करने का निर्णय लिया गया है।
साथ ही गुमला, लोहरदगा, गिरिडीह , डालटनगंज, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, देवघर, दुमका में जिला विज्ञान केंद्रों का पुनरुद्धार करने का निर्णय लिया गया है। नेतरहाट में डिजिटल प्लेटोरियम के निर्माण का निर्णय भी लिया गया है।
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