एबीएन एडिटोरियल डेस्क। युवा दिवस के अवसर पर उर्सूलाइन इंटर कॉलेज रांची के सभागार में स्वामी विवेकानंद आज के युवाओं के लिए प्रेरणा विषय व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विज्ञान 11वीं की छात्राओं को संबोधित करते हुए जीवन मूल्यों का जीवन के संकल्प और सफलता से संबंधों का विस्तार से विवेचना किया।
इस अवसर पर एबीएन के एडिटर इन चीफ सह खबर मन्त्र के चीफ सब एडिटर एनके मुरलीधर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो सहित पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति के सार को समझाते हुए कहा कि हमारी भौतिक साधनों से अधिक मानवीय मूल्य अधिक उपयोगी है।
कई घटनाओं और कथाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्कित का भाव सदैव व्यापक बहुत ही व्यापक होना चाहिए। इसी भाव से भगवत प्राप्ति होती है। युवाओं को स्वामी की जीवन से प्रेरणा लेते हुए अपने शैक्षणिक और बौद्धिक विकास के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए। हमारे अंदर जो गुण है उनके विकास के लिये प्रतिबद्धता परिवार, समाज और दुनिया के लिए हितकारी है।
इस अवसर पर प्राचार्या डॉ मेरी ग्रेस ने कहा कि स्वामी का युग वाक्य उठो जागो और तब तक न रूको जब तक लक्ष्य को प्राप्त न कर लो वर्तमान समय में युवाओं के लिये सबसे बड़ी प्रेरणा है। आज वैश्विक प्रतिस्पर्धा में हमारी मानवीय गुणों को लेकर हमें सचेत रहने की आवश्यकता है।
हमारा मन भौतिक साधनों के बीच विकृत न होकर हमारा मन और मस्तिस्क हमारे ज्ञानवान और बौद्धिकता को लेकर सजग रहे यह प्रेरणा हमें स्वामी जी के बातों से मिलती है। युवा दिवस पर दो दिवसीय कार्यक्रम का शनिवार को दूसरा और अंतिम दिन था। इसे प्रेरणा लेने की शपथ ली।
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