टीम एबीएन, रांची। जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्म संघ के महातपस्वी आचार्य श्रीमहाश्रमण जी की विदुषी समणी डॉ निर्वाणप्रज्ञा जी तथा श्रमणी मध्यस्थप्रज्ञा जी का रांची में प्रवास चल रहा है। समणी जी ने आज सुबह 10 बजे से श्री डोरंडा कन्या पाठशाला में प्रवचन दिया।
समणी जी ने आज के प्रवचन में विद्यालय के बच्चों को अनुशासित एवं संयमित रहकर जीवन में सफल होने के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व निर्माण से संबंधित बातों की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की।
आचार्य श्री तुलसी जी ने कहा है कि निज पर शासन- फिर अनुशासन अर्थात हमें सर्वप्रथम स्वयं पर शासन रखना चाहिए, खुद पर कंट्रोल रखना चाहिये, तभी हम अनुशासन का पालन कर पायेंगे ओर करवा पायेंगे।
साथ ही मन को शांत तथा एकाग्र रखने की बातें बतायी गयी। बच्चों को ब्रह्म मुहूर्त में जाग्रत होकर विधिवत रूप से ॐ (ओम) का उच्चारण करने के बाद पठन कार्य करना चाहिए। साथ ही सभी विद्यार्थियों को ध्यान करना सिखाया गया।
मौके पर बालिका उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापिका उपमा देवी, पारमिता सामल, विधालय के प्रबंधकारिणी समिति के सचिव घेवर चंद नाहटा, सदस्य अमर चंद बैंगानी, लाल जैन, लब्धि जैन, शिवचरण विजय, विनायक मेहता, विमल दस्सानी, नीरज सिंघी, अजय कोठारी के साथ विद्यालय के अन्य शिक्षक और शिक्षिकाएं उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन (8340247771) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse