एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय आयुवेर्दीय विज्ञान अनुसंधान परिषद् (सीसीआरएएस) ने राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (एनसीआइएसएम) के साथ मिलकर देश भर के आयुर्वेद शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के साथ आयुर्वेद के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में मजबूत नैदानिक अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट 2.0 कार्यक्रम शुरू किया है।
सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रोफेसर रबीनारायण आचार्य ने बुधवार को यहां बताया कि इस अध्ययन का उद्देश्य बाल कासा, कुपोषण, अपर्याप्त स्तनपान, असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव, रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में आस्टियोपोरोसिस और डायबिटीज मेलिटस जैसे अनुसंधान के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सुरक्षा और आयुर्वेद फॉर्मूले का पालन करना है।
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