व्यक्ति नहीं संस्था है धीरज साहू का परिवार : मनीष

 

पक्षपात पूर्ण तरीके से सांसद धीरज साहू को किया जा रहा है लक्ष्य 

100 से अधिक पार्टनर वाले व्यवसाय को सिर्फ सांसद का बताना गलत 

वैश्य समाज के आजीवन संरक्षक  के खिलाफ तथ्यहीन बातें सहन नहीं : वैश्य समाज 

आईटी को घोषित करना चाहिए कि बरामद कैश का नेचर कैसा है 

टीम एबीएन, लोहरदगा। झारखंड से राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू का परिवार व्यक्ति नहीं संस्था के रूप में जाना जाता है। इस परिवार का 100 साल से अधिक पुराना कारोबार है। इसमें शराब प्रमुख है। इसके अलावा अस्पताल, स्कूल कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, एयर इंडिया का कई शहरों में एजेंसी, होटल व्यवसाय समेत कई व्यवसाय है। 

इस फॉर्म का झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में व्यवसाय फैला है। यह परिवार दानवीर के रूप में जाना जाता है। बिहार के बक्सर, आरा जैसे जगह में डीएवी पब्लिक स्कूल को जमीन और भवन दान किया है। 

लोहरदगा में लगभग डेढ़ सौ एकड़ भूमि 1958 में दान देकर 1961 में भवन बनकर दिया है। इसके अलावा दर्जनों मठ- मंदिरों, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, स्टेडियम का निर्माण देश के कई हिस्सों में किया है। इस फर्म के 100 से अधिक पार्टनर है ऐसे में है। 

वैश्य समाज के मुख्य संरक्षक राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू को पक्षपातपूर्ण तरीके से बदनाम करने की साजिश की जा रही है। सिर्फ उन्हें लक्ष्य करना निष्पक्ष एक स्तंभ का काम नहीं है। निश्चित रूप से आयकर विभाग को उनके परिजनों के कारोबारी स्थान से मिले हैं। 

कैश की घोषणा विभाग को करनी चाहिए। उक्त बातें लोहरदगा जिला हैहय समाज के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष कुमार ने कही। वह रविवार शाम को थाना टोली स्थित साहू धर्मशाला में वैश्य समाज की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सांसद ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह कैश उनका नहीं है। न ही वह किसी के एटीएम हैं। न ही यह राशि कालाधन ही है। यह रुपया उनके परिजनों के फर्म का है। इसका हिसाब वे देंगे।  

उन्होंने कहा कि साहू परिवार का एक स्तंभ में गलत चित्रण किया जा रहा है। लोगों को सत्य और तथ्य जानना चाहिए। उसके बाद ही किसी चीज को सार्वजनिक करना चाहिए। यह उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि शराब का धंधा कच्चा है। महुआ खरीदी का समय है।

यह सब कैश में ही होता है। बड़ी संख्या में फर्म कर्मचारी हैं। उन्हें पेमेंट देना होता है। 2019 में भी आयकर विभाग ने छापा मारा था। ब्यौरा देने के बाद ब्याज समेत साहू परिवार को राशि विभाग ने वापस की थी। 

समाज के वरीय के सदस्य नवल किशोर प्रसाद ने कहा कि हमारा समाज छापेमारी और जांच का कभी न तो विरोध किया है, न खिलाफ में गयी है, पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विभाग को बताना चाहिए कि संसद की ही संपत्ति है या साहू परिवार और उनके फार्म से जुड़े हिस्सेदारों की संपत्ति है। तभी दूध का दूध और पानी का पानी होगा। 

हालांकि उन्होंने कहा कि इसका जवाब साहू परिवार के सदस्य देंगे। कुछ लोग यह कह रहे हैं की संसद पर एफआईआर हो, उनकी गिरफ्तारी हो, यह वही लोग कह रहे हैं जो उनसे चंदा भी लेते रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश आजादी के समय के अलावा 1965 व 1971 के युद्ध के समय और 1968 के आकाल के समय भी प्रधानमंत्री रहातकोष में साहू परिवार ने अच्छा खासा दान दिया है। 

गुप्तेश्वर प्रसाद गुप्ता ने कहा कि धीरज प्रसाद साहू को जिस तरह से उन्हें बदनाम करने के लिए एक स्तंभ के द्वारा ट्रायल किया जा रहा है। वह बिल्कुल गलत है। इससे हमारे समाज में क्षोभ है। 

समाज की बैठक में चैम्बर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री लोहरदगा के अध्यक्ष रितेश कुमार ने कहा  कि अभी तक आयकर विभाग भी आधिकारिक बयान जारी कर बरामद रुपये को कालाधन की श्रेणी में नही रखा है। इसपर संपूर्ण कार्रवाई करते हुए कम से कम छह माह की अवधि लगेगा। तब अंतिम निष्कर्ष आयेगा, कि यह कालाधन है या सफेद धन। फिर ऐसी क्या परिस्थिति उतपन्न हो गयी है, कि राजनीतिक संगठन के लोग स्वघोषित आयकर अधिकारी और जज की तरह धीरज प्रसाद साहू  को दोषी ठहराने पर तुले हुए हैं।  

दीपक जयसवाल ने कहा कि घटिया और तथ्यहीन  राजनीति करनेवालों को  हैहय समाज उन्हें सावधान करती है, कि साहू परिवार या राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के खिलाफ बिना सिर पैर की बयानबाजी नहीं करें, अन्यथा हमारा सम्पूर्ण समाज ऐसे लोगों का पूर्ण बहिष्कार करेगी।  

सतीश जायसवाल ने कहा कि सम्पूर्ण हैहय समाज सांसद धीरज प्रसाद साहू और उनके परिवार के साथ तन्मयता व सुदृढ रुप से खड़ा है। धीरज प्रसाद साहू परिवार देश का प्रतिष्ठित परिवार है। झारखंड राज्य के विकास में इस परिवार की अहम भूमिका है। धीरज प्रसाद साहू से पूर्व इनके बड़े भाई शिव प्रसाद साहू लोहरदगा नगरपालिका के चैयरमैन और रांची लोकसभा से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं।     

दोनों भाइयों के राजनीतिक कार्यकाल में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार या अन्य कोई गलत कार्यों का आक्षेप नहीं लगा है। पूरा कार्यकाल सराहनीय तथा बेदाग रहा है। वहीं इनके पिताजी  राय साहब बलदेव साहू को आजादी पूर्व समाज मे अच्छे कामों के लेकर राय साहब की उपाधि से भी नवाजा गया था। यह परिवार का समाज के हर वर्ग का विकास में सराहनीय योगदान रहा है।  

बैठक में वैश्य समाज के कार्यकारी अध्यक्ष  मनीष कुमार, रितेश कुमार, कामेश्वर प्रसाद, गुप्तेश्वर गुप्ता, सुदेश गुप्ता, नवल किशोर प्रसाद, प्रवीण चौधरी, अशोक कुमार, उपेंद्र प्रसाद, सुनील भगत,दीपक जयसवाल, नागेंद्र प्रसाद, लखन मांझी, राजीव कुमार, सिद्धनाथ प्रसाद, सुबोध साहू, रामपाल प्रसाद, अजय कुमार साहू, सतीश जायसवाल,  पंकज साहू, सुकांत चौधरी, राजवर्धन साहू समेत सैकड़ो लोग उपस्थित हुए।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse