टीम एबीएन, रांची। करीब 50 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए सीआईडी ने 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग बड़े ही शातिराना अंदाज में लोगों को अपना शिकार बनाते थे। लोन दिलाने से पहले एक ब्लैंक चेक तक ले लिया करते थे। ये गैंग रामगढ़ के पतरातू में ऐक्टिव था और इनके सॉफ्ट टार्गेट सीसीएल के कर्मी थे।
रामगढ़, पतरातू और उसके आसपास इलाके के पांच सौ से ज्यादा लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। मामले की जानकारी देते हुए सीआईडी आईजी असीम मिंज ने बताया कि आरोपी लोन दिलाने के नाम पर लोगों से दस्तावेज ले लिया करते थे।
उसके बाद एसबीआई बैंक से सभी के नाम पर लोन लेते और फिर उसे अपने खाते में ट्रांसफर करा लिया करते थे। इसी भनक लाभुकों को भी नहीं होती थी। जब बैंक का नोटिस उनके घर पहुंचता तब उन्हें इसकी जानकारी होती थी।
आरोपियों के पतरातू स्थित कार्यालय से लोन के दस्तावेज और मोबाइल, लैपटॉप, डेस्कटॉप के अलावा कई बैंक से संबंधित कागजात बरामद किये गये हैं। आरोपियों ने लाभुकों से करीब पचास करोड़ रुपये की ठगी की है।
सीआईडी की टीम को एसबीआई के एक अधिकारी ने लिखित शिकायत की थी कि कुछ लोग फर्जी तरीके से कार्यालय खोलकर लोन निकलवाते हैं और लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। बैंक अधिकारियों को पांडेय गिरोह के नाम से डरा-धमका कर लोन पास करवाते हैं।
इसकी शिकायत के बाद सीआईडी की टीम ने जांच-पड़ताल की और मामला सही पाया गया। इसके बाद सीआईडी की टीम ने रामगढ़ के पतरातू में शुक्रवार को छापेमारी कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार किया।
आईजी ने बताया कि आरोपी कमल और जमीर अपने को एसबीआई के हेड ऑफिस का अधिकारी बताया करते थे। लाभुकों को यह कहकर झांसे में लिया करते। इसके बाद उनसे सारे दस्तावेज लेते और कई कागज पर उनका हस्ताक्षर ले लेते थे।
इसके बाद बैंक में आरोपी उनके नाम से लोन एप्लाई करते। सेटिंग-गेटिंग से लोन पास भी करा लेते और राशि अपने खाते में ट्रांसफर कराते थे। पूछताछ में आरोपियों ने अपने गिरोह के अन्य सदस्यों की भी जानकारी दी है।
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