टीम एबीएन, कोडरमा। नवलशाही थाना कांड संख्या 8/2023 एसटी 64/2023 शारीरिक एवं मानसिक रूप से विकलांग युवती के साथ दुष्कर्म किए जाने के एक मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय अजय कुमार सिंह की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी रणजीत कुमार उर्फ़ रंजीत ठाकुर, पिता टुकन ठाकुर, उम्र 32 वर्ष, नवलशाही निवासी को आईपीसी की धारा 376 (2) (1) एवं 376 (2) (एन) का दोषी पाते हुए 12 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है। साथ ही तीस हजार रुपसे का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की राशि नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
युवती की मां ने थाना को दिए बयान में कहा था कि उसकी बेटी के पेट में दर्द होने पर वह डॉक्टर के पास लेकर गई तो पता चला कि वह 5 महीने की गर्भवती है। तब से इसका इलाज करा रहे हैं। लेकिन उसे लगातार पूछने के बाद भी वह कुछ बता नहीं रही थी। 10 अक्टूबर 2022 को ऑपरेशन से सदर अस्पताल में एक बच्ची को जन्मदिन दी।
इस बीच कई बार अपनी बेटी से पूछती रही। लेकिन वह कुछ नहीं बताती थी। कुछ दिन पहले बताई कि जब यह सुबह जंगल तरफ बाथरूम करने जाती थी तब बगल का लड़का रंजीत कुमार, पिता टुकन ठाकुर ने कई बार जंगल में जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म किया। जिससे वह गर्भवती हो गयी।
रंजीत ने धमकी दी थी कि किसी को बतायी तो जान से मार देंगे। इसी कारण वह कुछ नहीं बताई थी। अभियोजन का संचालक लोक अभियोजक पीपी पीके मंडल ने किया। इस दौरान सभी 7 गवाहों का परीक्षण कराया गया। लोक अभियोजक पीपी पीके मंडल ने कार्रवाई के दौरान न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार शर्मा एवं अधिवक्ता कृष्णा प्रसाद सिंह ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया। अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा मुकर्रर की और जुर्माना लगाया।
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