ओमिक्रोन का खौफ : सीएम ने रखा 20 जनवरी तक शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य

 

रांची। झारखंड में ओमीक्रोन के खतरे को देख मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसके बचाव को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा बैठक की। हालांकि कोरोना को लेकर झारखंड में पैनिक वाली स्थिति नहीं है। लेकिन फिर भी सरकार किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहती है। यही वजह है कि झारखंड में ओमीक्रोन को लेकर सरकार पूरी तरह से सतर्क है। झारखंड में आम जनजीवन करीब-करीब सामान्य है, लेकिन इस बीच कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन ने चिंता जरूर बढ़ा दी है। लिहाजा, अचानक आपात स्थिति पैदा न हो, इसे ध्यान में रख मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की। सीएम ने दो टूक कहा कि 20 जनवरी 2022 तक शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करना है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में शत प्रतिशत टीकाकरण कार्य हो चुके हैं, उन राज्यों के टीकाकरण मॉडल की जानकारी प्राप्त कर एक बेहतर कार्य योजना बनाएं। नए वेरिएंट ओमिक्रोन के संभावित खतरे को मद्देनजर रखते हुए हर स्तर पर अलर्ट रहें। सीएम ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचने का कारगर उपाय सिर्फ और सिर्फ टीकाकरण ही है। मुख्यमंत्री ने विदेशों से आने वाले लोगों का हर हाल में कोविड जांच सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। एयरपोर्ट के साथ साथ रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी विदेश या दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की जांच सुनिश्चित कराने को कहा है। सीएम ने कहा कि थोड़ा भी संदेह होने पर सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए ओड़िशा भेजना है। सीएम ने सभी सरकारी अस्पतालों में अलग से कोविड वार्ड की व्यवस्था करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी और निजी संस्थान मिलाकर 99 मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया था। इसकी तुलना में अबतक 80 मेडिकल ऑक्सीजन के प्लांट राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित हो चुके हैं। आगामी 25 जनवरी तक 13 और मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो जाएंगे। सीएम के समक्ष तैयारियों से जुड़ा प्रेजेंटेशन दिया गया। सीएम को बताया गया कि राज्य के कोविड अस्पतालों में मरीजों के बेहतर इलाज के लिए 14863 ऑक्सीजन बेड, 3204 आईसीयू बेड, 1456 वेंटिलेटर तथा 8738 नार्मल बेड तैयार रखे गए हैं। छोटे बच्चों के गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए 1147 आईसीयू बेड, 1799 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, 234 वेंटिलेटर एवं 375 मीडियम आईसीयू (एचडीयू) बेड तैयार किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी पंचायत मुख्यालयों में स्थायी वैक्सीनेशन सेंटर खोलने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि जरूरत पड़े तो वैक्सीनेशन टीम पंचायत स्थित विभिन्न गांवों में घर-घर जा कर छूटे हुए लोगों का पहला और दूसरा डोज लगाने का काम प्राथमिकता के तौर पर करे। बैठक में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त सह स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, आपदा सचिव अमिताभ कौशल, एनआरएचएम के मैनेजिंग डायरेक्टर रमेश घोलप, जेएसएलपीएस की सीईओ नैंसी सहाय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse