टीम एबीएन, रांची। उर्सुलाइन इंटर कॉलेज में दो दिवसीय वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने छात्राओं को संबोधित किया।
श्रीमती तिर्की ने कहा कि देश में 35 लाख लड़कियां स्रातक की परीक्षा पास कर रही है जो लड़कों से अधिक है। लेकिन विधायिका, न्याय पालिका और ब्यूरोक्रेट के बीच उनकी संख्या न्यूनतम है, जो चिंता का विषय है। श्रीमती तिर्की ने कहा कि देश के विकास में महिलाओं के योगदान को नकारा नहीं जा सकता है।
मौके पर विशिष्ट अतिथि पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने कहा आज के छात्रों को अपने माता-पिता की बात माननी चाहिए और अपने कठिनाइयों से अवश्य लड़ना चाहिए। बैंक के अधिकारी की नौकरी छाड़ने और राजनीति में आने और शिक्षा मंत्री के पद पाने तक की अपनी संघर्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने छात्राओं से अपील की कि कड़ी मेहनत से कभी भी भागना नहीं चाहिए।
कार्यक्रम के उद्देश्य पर बोलते हुए उर्सुलाइन इंटर कॉलेज की प्राचार्या डॉ मेरी ग्रेस ने कहा कि स्कूल की छात्राओं ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है और इस प्रदर्शन के लिए वे शिक्षकों सहित पूरे उर्सूलाइन परिवार की आभारी है।
उन्होंने बताया कि राजा उलातू उर्सुलाइन इंटर कॉलेज में भी छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। हमारे उस शाखा के छात्रों में भी आत्मविश्वास बढ़ा है। मौके पर उर्सूलाइन राजा उलातू इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सात पूर्वी राज्यों का नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित जन समूह ने सराहा।
कार्यक्रम में कॉलेज की छात्राओं ने एक से बढ़कर एक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। दो दिवसीय वार्षिक उत्सव के पहले दिन इसरो के वैज्ञानिकों की सफलता पर भी एक भावपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। साथ ही योग के महत्व को दशार्ते हुए भव्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
छात्रों और अभिभावकों की महत्वकांक्षा से उपजी समस्या को उल्लेखित करते हुए एक लधु नाटक भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें अभिभावक ने खेल प्रिये अपने बेटे को जबरन आइआइटी में पास करने का दबाव बनाया और उसने दबाव न सहने की स्थिति के कारण आत्महत्या जैसे कदम उठा लिये।
छात्रों और शिक्षकाओं ने भी कई लघु हास्य नाटिका प्रस्तुत कर उपस्थित जन समूह का मन मोह लिया। झारखंड का अपना महत्व है और झारखंड की आदिवासियों की जीवन शैली और सहजता से संबंधित नृत्य नाटिका का आकर्षक प्रस्तुति भी पेश की गयी।
मौके पर मोटिवेटर दीपक किंडो ने भी छात्राओं को प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कागज की नोट और सादे कागज के महत्व समझो। उन्होंने कहा कि कागज की नोट चाहे जिस स्थिति में रहे उसमें कोई अंतर नहीं पड़ता है।
कार्यक्रम में मोटिवेटर सह काउंसलर एनके मुरलीधर ने कहा कि छात्र जीवन ही मर्यादा और अनुशासन का जीवन है जिसकी आदत बेहतर स्कूल उर्सुलाइन इंटर कॉलेज में लग जाती है। यह आदत पूरी जिंदगी आपको काम करने में मदद करती है।
अपने शिक्षकों का सम्मान और आप ऐसा बनें कि आपको देखकर लगे कि आप उर्सुलाइन इंटर कॉलेज की छात्रा है। यहां तक की आपक परिजनों की आदतों में सुधार हो जाए। दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन का समापन राष्ट्रगाण से किया गया।
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