एबीएन सेंट्रल डेस्क। क्रिप्टो और चाइनीज लोन ऐप जरिए ठगी के मामले देश भर से सामने आ रहे हैं। विडंबना ये है कि आज भी 95 प्रतिशत लोग क्रिप्टो क्या है, इसमें निवेश कैसे किया जाता है यह जानते ही नहीं हैं। लेकिन वे लालच में आकर निवेश कर देते हैं और कभी-कभी बड़ी ठगी का शिकार हो जाते हैं।
ऐसे शातिर अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस भी खुद को अपग्रेड कर रही है। इसको लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के सहयोग क्रिप्टो और चाइनीज ऐप को लेकर पांच राज्य के अफसर ट्रेंड किये जा रहे हैं। क्रिप्टो और चाइनीज ऐप के जरिए किस तरह से फ्रॉड किये जा रहे हैं।
क्रिप्टो भारत में लीगल है या नहीं। इन सभी मामलों को लेकर सीआईडी डीजी अनुराग गुप्ता ने ईटीवी भारत के साथ विस्तार से बातचीत की। सीआईडी डीजी ने बताया कि झारखंड सीआईडी के द्वारा क्रिप्टो और चाइनीज ऐप के जरिए ठगी के मामलों से निपटने के लिए पांच राज्यों के पुलिस अफसरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
डीजी अनुराग गुप्ता के अनुसार क्रिप्टो और चीनी लोन ऐप के जरिए बड़े पैमाने पर ठगी की जा रही है और सबसे अहम बात यह है कि ठगी के पैसे देश से बाहर जा रहे हैं। करोड़ों रुपये के फ्रॉड देश भर में क्रिप्टो और चाइनीज ऐप के जरिये किए जा रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि पुलिस अफसर भी ऐसे मामलों में जांच में दक्ष हों।
पुलिस अफसरों को ट्रेंड करने के लिए इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर के अधिकारियो और बैंगलुरु की दो आईटी कंपनी से एक्सपर्ट्स को रांची बुलाया गया है। बेंगलुरु की कंपनी के द्वारा क्रिप्टो के लिए साइबर टूल्स डेवलप किया है।
पुलिस अफसरों को क्रिप्टो में कैसे मनी मूव करता है, क्रिप्टो का ईको सिस्टम कैसे काम करता है, क्रिप्टो का डिजिटल फुटप्रिंट कैसे निकालें, इन मामलों की जानकारी दी जा रही है। सबसे खास बात यह है कि इस बार की ट्रेनिंग में 47 असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर भी भाग ले रहे हैं।
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